Delhi में घर टूटने वाले वोटर्स के लिए बड़ी राहत, CEO ने कहा- इन्हें माना जाएगा स्पेशल केस

Delhi: दिल्ली के उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जिनके घर हाल ही में बुलडोजर कार्रवाई या डिमोलिशन ड्राइव में टूट गए हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार ने ऐलान किया है कि ऐसे वोटर्स को स्पेशल केस माना जाए

Delhi: दिल्ली के उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जिनके घर हाल ही में बुलडोजर कार्रवाई या डिमोलिशन ड्राइव में टूट गए हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार ने ऐलान किया है कि ऐसे वोटर्स को स्पेशल केस माना जाएगा। चुनाव आयोग के साथ मिलकर एक ऐसा तरीका निकाला जाएगा जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि इन लोगों का नाम वोटर लिस्ट से न कटे।

दिल्ली में वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का काम 30 जून 2026 से शुरू हो गया है। इस काम के लिए 13,000 से ज्यादा बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी अगले एक महीने तक घर-घर जाकर करीब 1.45 करोड़ वोटर्स का वेरिफिकेशन करेंगे।

CEO अशोक कुमार ने बताया कि जिन लोगों के घर टूट चुके हैं, उनके पास रहने का कोई पक्का सबूत नहीं होगा, इसलिए उन्हें विशेष सुविधा दी जाएगी। चूंकि टूटी हुई जगहों पर BLO फॉर्म नहीं दे पाएंगे, इसलिए ऐसे लोग ड्राफ्ट लिस्ट आने के बाद अपने नए पते के साथ दावा पेश कर सकते हैं। अगर उन्होंने उस समय तक नया पता ढूंढ लिया होगा, तो उनके नाम को लिस्ट में शामिल किया जाएगा।

वोटर लिस्ट अपडेट करने का पूरा शेड्यूल इस तरह है:

तारीख क्या होगा
30 जून से 29 जुलाई 2026 BLO घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे
5 अगस्त 2026 ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी
5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी
3 अक्टूबर 2026 शिकायतों और दावों का निपटारा होगा
7 अक्टूबर 2026 फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी

BLO हर घर जाकर दो फॉर्म देंगे, जिसमें से एक रसीद होगी और दूसरा भरकर वापस देना होगा। अगर घर बंद मिला, तो BLO कम से कम तीन बार वहां जाएंगे। खास बात यह है कि शुरुआती वेरिफिकेशन के दौरान किसी भी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, जिन्हें 2002 की लिस्ट से नहीं जोड़ा जा सकेगा, उन्हें बाद में सबूत देने पड़ सकते हैं। बेघर लोगों के लिए भी व्यवस्था की गई है, BLO फ्लाईओवर के नीचे या अस्थायी ठिकानों पर भी जाकर वेरिफिकेशन करेंगे।