Delhi में बदल रहा है सेंट्रल विस्टा का चेहरा, अब ‘कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स’ कहलाएगा यह इलाका

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में सेंट्रल विस्टा का कायाकल्प तेजी से चल रहा है। अब इस पूरे इलाके को ‘कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स’ या ‘कर्तव्य भवन एरिया’ के नाम से जाना जाएगा। इस बदलाव के साथ ही पुराने

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में सेंट्रल विस्टा का कायाकल्प तेजी से चल रहा है। अब इस पूरे इलाके को ‘कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स’ या ‘कर्तव्य भवन एरिया’ के नाम से जाना जाएगा। इस बदलाव के साथ ही पुराने सरकारी दफ्तरों की जगह अब नए और आधुनिक सचिवालय ले रहे हैं, ताकि कामकाज को और बेहतर बनाया जा सके।

इस प्रोजेक्ट के तहत पुराने नियमों को पीछे छोड़ते हुए नए निर्माण किए जा रहे हैं। पहले 1960 में प्रधानमंत्री नेहरू की अध्यक्षता में यह तय हुआ था कि कोई भी सरकारी इमारत 9 मंजिला से ज्यादा ऊंची नहीं होगी और उसे सादगी से बनाया जाएगा। उस समय खर्च कम रखने के लिए छतों की ऊंचाई भी सीमित रखी गई थी। अब इसी जगह पर ‘कर्तव्य भवन’ के नाम से एक कॉमन सेंट्रल सचिवालय बनाया जा रहा है, जिसमें 10 आपस में जुड़ी इमारतें होंगी।

निर्माण कार्य की बात करें तो मई में सबसे पहले निर्माण भवन को गिराया गया, जिसके बाद उद्योग भवन की बारी आई। अब शास्त्री भवन और कृषि भवन को भी गिराया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2025 में इस प्रोजेक्ट की पहली इमारत ‘कर्तव्य भवन 3’ का उद्घाटन किया था। नई इमारतों को लुटियंस स्टाइल में बनाया जा रहा है और इनकी ऊंचाई इंडिया गेट (42 मीटर) से कम रखी गई है। हर इमारत में 7 मंजिलें होंगी।

पूरे प्रोजेक्ट की समयसीमा और अन्य विवरण नीचे दी गई टेबल में देखें:

काम का नाम पूरा होने का समय
कर्तव्य भवन (10वीं इमारत) सितंबर 2026
6वीं और 7वीं CCS इमारतें मार्च 2027
नॉर्थ ब्लॉक रेट्रोफिटिंग अगस्त 2027
8वीं और 9वीं CCS इमारतें दिसंबर 2027
साउथ ब्लॉक का संरक्षण मार्च 2028
पूरा प्रोजेक्ट अप्रैल 2028

इसके अलावा उपराष्ट्रपति के लिए 32 पांच मंजिला इमारतें और प्रधानमंत्री के लिए 10 चार मंजिला इमारतें बनाई जा रही हैं। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव दिया है और CPWD इसे जमीन पर उतार रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक और ईको-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए प्रशासनिक क्षमता को बढ़ाया जाए।