Delhi: राजधानी दिल्ली के सेंट्रल विस्टा इलाके में अब सफर करना और भी आसान और प्रदूषण मुक्त होने वाला है। DMRC, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय मिलकर यहाँ हाइड्रोजन से चलने वाली शटल
Delhi: राजधानी दिल्ली के सेंट्रल विस्टा इलाके में अब सफर करना और भी आसान और प्रदूषण मुक्त होने वाला है। DMRC, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय मिलकर यहाँ हाइड्रोजन से चलने वाली शटल बस सेवा शुरू करेंगे। यह सर्विस 15 मई 2026 से शुरू होगी, जिससे सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों को मेट्रो स्टेशन से ऑफिस तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
हाइड्रोजन बसों का रूट और मकसद क्या है?
यह शटल बस सेवा मुख्य रूप से सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों के बीच चलेगी। इसका मकसद सेंट्रल विस्टा क्षेत्र के महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तरों तक आसान कनेक्टिविटी देना है। इससे सरकारी अधिकारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा मिलेगा और इलाके में निजी गाड़ियों की भीड़ कम होगी।
सेंट्रल विस्टा में ट्रांसपोर्ट के अन्य विकल्प क्या हैं?
सरकार यहाँ ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठा रही है। एक अंडरग्राउंड ऑटोमैटिक पीपल मूवर (APM) भी तैयार किया जा रहा है, जो कर्तव्य पथ के नीचे नए सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट कॉम्प्लेक्स को जोड़ेगा। इसके अलावा, DTC द्वारा संचालित समर्पित शटल बसों की योजना भी है जो सरकारी कॉलोनियों को मेट्रो स्टेशनों से जोड़ेंगी।
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का असर
केंद्र सरकार के नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत हाइड्रोजन वाहनों का दायरा बढ़ाया जा रहा है। फरवरी 2026 तक कई हाइड्रोजन वाहनों और फ्यूलिंग स्टेशनों को मंजूरी दी जा चुकी है। अब इस दिशा में 30 और हाइड्रोजन ट्रकों और बसों को जोड़ने की तैयारी है ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना शहरी आवाजाही को बेहतर बनाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाइड्रोजन शटल बस सेवा कब से शुरू होगी?
यह सेवा 15 मई 2026 से दिल्ली के सेंट्रल विस्टा इलाके में शुरू की जाएगी।
यह बसें किन मेट्रो स्टेशनों को जोड़ेंगी?
ये बसें सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों के बीच और मुख्य सरकारी दफ्तरों तक कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।