Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी की हवा को साफ करने और हरियाली बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। Central Ridge के 673.32 हेक्टेयर इलाके को अब Reserved Forest घोषित कर दिया गया है। यह फैसला दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर बनान
Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी की हवा को साफ करने और हरियाली बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। Central Ridge के 673.32 हेक्टेयर इलाके को अब Reserved Forest घोषित कर दिया गया है। यह फैसला दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण तैयार करने के मकसद से लिया गया है।
Reserved Forest घोषित होने से क्या बदलेगा
इस इलाके को Indian Forest Act, 1927 की धारा 20 के तहत सुरक्षित वन घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि अब यहाँ कानूनी तौर पर सबसे ज्यादा सुरक्षा मिलेगी। अब यहाँ बिना अनुमति के शिकार करना या पशु चराना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। इससे जमीन पर होने वाले अवैध कब्जों और जंगलों की कटाई पर लगाम लगेगी।
30 साल का इंतजार हुआ खत्म
इस प्रक्रिया को पूरा होने में करीब तीन दशक लग गए। दरअसल, मई 1994 में पहली बार इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में सरकार को निर्देश दिया था कि कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और इस प्रक्रिया में हो रही देरी को खत्म किया जाए। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी 2021 में इस पर जोर दिया था।
आगे की योजना और कुछ चिंताएं
Chief Minister Rekha Gupta ने इसे दिल्ली की प्राकृतिक विरासत के लिए एक मील का पत्थर बताया है। सरकार अब खाली पड़ी जगहों पर स्थानीय पेड़ लगाने की योजना बना रही है। हालांकि, इसी बीच कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं। 13 मई 2026 को यह बात सामने आई कि वन विभाग यहाँ ‘थीम आधारित जंगल’ बनाने की सोच रहा है, जिसमें प्रतिबंधित कीटनाशकों के इस्तेमाल की आशंका है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसे पुराने जंगलों के लिए खतरा बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Central Ridge के कितने हिस्से को रिजर्व फॉरेस्ट बनाया गया है
दिल्ली सरकार ने Central Ridge के कुल 673.32 हेक्टेयर हिस्से को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित किया है, जो अब Indian Forest Act, 1927 की धारा 20 के तहत सुरक्षित है।
इस फैसले से आम लोगों और पर्यावरण को क्या फायदा होगा
इससे शहर के ‘ग्रीन लंग्स’ सुरक्षित होंगे, जिससे प्रदूषण कम होगा और जैव विविधता बढ़ेगी। साथ ही, कानूनी सुरक्षा मिलने से यहाँ अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई रुक जाएगी।