Delhi: राजधानी की हवा को साफ रखने वाले सेंट्रल रिज के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली सरकार ने यहाँ के 673 हेक्टेयर क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर आरक्षित वन घोषित कर दिया है। यह फैसला पिछले 30 सालों से अटका हुआ था, जि
Delhi: राजधानी की हवा को साफ रखने वाले सेंट्रल रिज के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली सरकार ने यहाँ के 673 हेक्टेयर क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर आरक्षित वन घोषित कर दिया है। यह फैसला पिछले 30 सालों से अटका हुआ था, जिससे अब इस संवेदनशील इलाके को कानूनी सुरक्षा मिल सकेगी।
सेंट्रल रिज में क्या बदलाव होंगे
इस फैसले के बाद अब सेंट्रल रिज के इस हिस्से में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए जाएंगे। सरकार यहाँ नीम, पीपल और जामुन जैसे देसी पौधों का रोपण करेगी। इससे शहर के इस ‘ग्रीन लंग्स’ को और मजबूती मिलेगी और पर्यावरण में सुधार होगा।
इस फैसले का आम लोगों पर क्या असर होगा
आरक्षित वन घोषित होने से अब इस जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या निर्माण करना मुश्किल होगा। कानूनी संरक्षण मिलने से पेड़ों की कटाई रुकेगी, जिससे दिल्ली के लोगों को बेहतर ऑक्सीजन और हरियाली मिलेगी। यह कदम शहर के प्रदूषण को कम करने में मददगार साबित होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सेंट्रल रिज के कितने हिस्से को आरक्षित वन घोषित किया गया है
दिल्ली सरकार ने सेंट्रल रिज के 673 हेक्टेयर क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर आरक्षित वन घोषित किया है।
इस इलाके में कौन से पेड़ लगाए जाएंगे
इस क्षेत्र में नीम, पीपल और जामुन जैसे देसी पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा।