Delhi: दिल्ली के MCD इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुक्रवार, 1 मई 2026 से लोग अब खुद ऑनलाइन अपने घर की जानकारी भर सकते हैं। इस डिजिटल पहल का मकसद डेटा को ज्यादा सटीक बनाना है त
Delhi: दिल्ली के MCD इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुक्रवार, 1 मई 2026 से लोग अब खुद ऑनलाइन अपने घर की जानकारी भर सकते हैं। इस डिजिटल पहल का मकसद डेटा को ज्यादा सटीक बनाना है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुँच सके।
सेल्फ-एन्यूमरेशन की तारीखें और जरूरी नियम क्या हैं?
MCD इलाकों में खुद से जानकारी भरने की सुविधा 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक उपलब्ध है। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक कर्मचारी घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे। NDMC और दिल्ली कैंट इलाकों में यह प्रक्रिया अप्रैल में ही पूरी हो चुकी है। यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक है और MCD वार्ड के सभी निवासी इसमें हिस्सा ले सकते हैं।
ऑनलाइन फॉर्म भरने का तरीका और जरूरी बातें
घर का कोई भी सदस्य या मुखिया मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर पोर्टल पर लॉगिन कर सकता है। एक घर के लिए सिर्फ एक ही लॉगिन करना होगा। लॉगिन करते समय 16 भाषाओं में से किसी एक को चुनना होगा, जिसे बाद में बदला नहीं जा सकेगा। फॉर्म भरते समय सैटेलाइट मैप या एड्रेस सर्च के जरिए घर की लोकेशन (geo-coordinates) देना जरूरी है। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया के लिए किसी भी दस्तावेज की जरूरत नहीं है।
सबमिशन के बाद क्या करना होगा?
फॉर्म जमा करने के बाद यूजर को एक 11 या 16 अंकों की सेल्फ-एन्यूमरेशन ID मिलेगी। जब जनगणना कर्मचारी घर पर वेरिफिकेशन के लिए आएंगे, तब यह ID उन्हें दिखानी होगी। एलजी तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले ही अपनी डिटेल भर ली है और लोगों से इसमें जुड़ने की अपील की है। किसी भी मदद के लिए सरकार ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MCD इलाकों में ऑनलाइन जनगणना की आखिरी तारीख क्या है?
MCD क्षेत्रों के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन की प्रक्रिया 1 मई 2026 से शुरू होकर 15 मई 2026 तक चलेगी।
क्या ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए किसी डॉक्यूमेंट की जरूरत है?
नहीं, जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी भरने के लिए किसी भी दस्तावेज (Documents) की आवश्यकता नहीं है।
सेल्फ-एन्यूमरेशन ID का क्या उपयोग है?
सबमिशन के बाद मिलने वाली ID को घर-घर आने वाले जनगणना कर्मचारियों को वेरिफिकेशन के समय दिखाना होगा।