Delhi: राजधानी के NDMC और दिल्ली कैंट इलाकों में जनगणना 2027 का पहला चरण यानी हाउसलिस्टिंग शुरू हो गया है। गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस अभियान में घरों की गिनती और उनके विवरण जुटाए जा रहे हैं। यह भारत की पहली ऐ
Delhi: राजधानी के NDMC और दिल्ली कैंट इलाकों में जनगणना 2027 का पहला चरण यानी हाउसलिस्टिंग शुरू हो गया है। गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस अभियान में घरों की गिनती और उनके विवरण जुटाए जा रहे हैं। यह भारत की पहली ऐसी जनगणना है जो पूरी तरह से डिजिटल तकनीक के जरिए की जा रही है।
जनगणना का शेड्यूल और जरूरी तारीखें क्या हैं?
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के लिए सर्वे की तारीखें तय की गई हैं ताकि काम व्यवस्थित तरीके से हो सके। NDMC और कैंट इलाकों में हाउसलिस्टिंग 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक चलेगी, जबकि MCD इलाकों में यह काम 16 मई से 15 जून 2026 तक किया जाएगा।
| इलाका/चरण |
तारीख |
| NDMC और कैंट (हाउसलिस्टिंग) |
16 अप्रैल से 15 मई 2026 |
| NDMC और कैंट (डोर-टू-डोर सर्वे) |
19 अप्रैल 2026 से शुरू |
| MCD इलाके (हाउसलिस्टिंग) |
16 मई से 15 जून 2026 |
| MCD इलाके (सेल्फ-एन्युमरेशन) |
1 मई 2026 से शुरू |
| जनसंख्या गणना (Population Enumeration) |
फरवरी 2027 |
सर्वे की प्रक्रिया और डिजिटल तरीका क्या है?
इस बार पूरा डेटा ‘Census 2027-HLO’ मोबाइल ऐप के जरिए इकट्ठा किया जा रहा है। गृह मंत्रालय (MHA) ने इसके लिए 33 सवालों की एक लिस्ट जारी की है, जिन्हें सर्वेक्षक लोगों से पूछेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस प्रक्रिया के पहले दिन सेल्फ-एन्युमरेशन में हिस्सा लिया था।
- NDMC और कैंट इलाकों में करीब 570 से 800 सरकारी स्कूल के शिक्षकों को सर्वेक्षक बनाया गया है।
- एक सर्वेक्षक को एक ब्लॉक दिया गया है, जिसमें लगभग 180 से 200 घर शामिल हैं।
- जिन लोगों ने खुद ऑनलाइन जानकारी (Self-enumeration) भरी है, उन्हें अपनी SE ID सर्वेक्षक को दिखानी होगी।
- दिल्ली के डिविजनल कमिश्नर जनगणना आयुक्त के तौर पर काम कर रहे हैं, जिनकी मदद 13 जिला मजिस्ट्रेट (DM) कर रहे हैं।
आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना है?
ग्राउंड लेवल पर काम कर रहे अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग इस सर्वे को वोटर लिस्ट के सुधार के काम से जोड़कर देख रहे हैं। सर्वेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे लोगों के डर को दूर करें और उन्हें समझाएं कि यह केवल जनगणना का हिस्सा है। अब तक चाणक्यपुरी और न्यू मोती बाग जैसे इलाकों में करीब 200 एंट्रीज पूरी हो चुकी हैं। हालांकि, दिल्ली में सेल्फ-एन्युमरेशन का रिस्पॉन्स कम रहा है और अब तक केवल 5,000 लोगों ने ही इसे पूरा किया है।