Delhi: दिल्ली के MCD क्षेत्रों में आज 16 मई 2026 से जनगणना-2027 के पहले चरण का घर-घर सर्वेक्षण शुरू हो गया है। यह काम 15 जून 2026 तक चलेगा। इस बड़े अभियान के लिए करीब 50,000 कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो शहर के 46
Delhi: दिल्ली के MCD क्षेत्रों में आज 16 मई 2026 से जनगणना-2027 के पहले चरण का घर-घर सर्वेक्षण शुरू हो गया है। यह काम 15 जून 2026 तक चलेगा। इस बड़े अभियान के लिए करीब 50,000 कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो शहर के 46,000 ब्लॉकों में जाकर लोगों से जानकारी जुटाएंगे।
सर्वेक्षण में क्या होगा और कितने सवाल पूछे जाएंगे
इस सर्वे के दौरान गणनाकर्मी आपसे कुल 33 सवाल पूछेंगे, जिन्हें पूरा करने में लगभग 20 मिनट का समय लगेगा। आपसे आपके घर की बनावट, फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल हुए मटेरियल के बारे में पूछा जाएगा। साथ ही परिवार के सदस्यों की संख्या, घर के मुखिया की पहचान और मकान अपना है या किराए का, इसकी जानकारी ली जाएगी। किराएदारों और बाहरी राज्यों से आए प्रवासियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
नियम क्या हैं और जानकारी न देने पर क्या होगा
जनगणना में हिस्सा लेना सभी के लिए अनिवार्य है। अगर कोई व्यक्ति जानकारी देने से मना करता है, तो उसे 1,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं जानबूझकर जानकारी छिपाने या इनकार करने पर तीन साल तक की जेल का प्रावधान है। यह पहली डिजिटल जनगणना है, इसलिए कर्मचारियों के पास QR कोड वाला आईडी कार्ड होगा जिसे स्कैन करके आप उनकी पहचान जांच सकते हैं।
धोखेबाजों से रहें सावधान और इन बातों का रखें ध्यान
अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना OTP, UPI पिन या कोई पैसा न दें। जनगणना अधिकारी आपसे ऐसी कोई निजी वित्तीय जानकारी नहीं मांगते हैं। जिन लोगों ने 1 से 15 मई के बीच वेब पोर्टल se.census.gov.in पर अपनी जानकारी (स्व-गणना) भर दी है, वे अपनी 11-अंकीय SE ID गणनाकर्मी को दिखा सकते हैं। NDMC और दिल्ली कैंट क्षेत्रों में यह काम 15 मई को ही पूरा हो चुका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में घर-घर सर्वे कब तक चलेगा
MCD क्षेत्रों में घर-घर सर्वेक्षण 16 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। यह जनगणना 2027 के पहले चरण का हिस्सा है जो कुल मिलाकर 30 सितंबर 2026 तक चलेगा।
क्या जनगणना में जानकारी देना जरूरी है
हाँ, जनगणना में शामिल होना अनिवार्य है। जानकारी देने से इनकार करने पर 1,000 रुपये का जुर्माना और जानबूझकर मना करने पर तीन साल तक की कैद हो सकती है।