Delhi: राजधानी दिल्ली में Census 2027 की प्रक्रिया तेज हो गई है। डिजिटल तरीके से खुद जानकारी भरने (self-enumeration) की समय सीमा खत्म होने के बाद अब सर्वेक्षक घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करेंगे। ईस्ट दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट
Delhi: राजधानी दिल्ली में Census 2027 की प्रक्रिया तेज हो गई है। डिजिटल तरीके से खुद जानकारी भरने (self-enumeration) की समय सीमा खत्म होने के बाद अब सर्वेक्षक घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करेंगे। ईस्ट दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट Amol Srivastava ने बताया कि जमीन पर इलाकों की पहचान करने के बाद अब डोर-टू-डोर सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।
सर्वे का समय और जरूरी तारीखें क्या हैं?
MCD इलाकों में डिजिटल पोर्टल के जरिए जानकारी भरने का काम 1 मई से 15 मई 2026 तक चला। इसके बाद 16 मई से 15 जून 2026 तक सर्वेक्षक घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग का काम करेंगे। वहीं, NDMC और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड वाले इलाकों में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। जनसंख्या की गिनती (Phase II) फरवरी 2027 में होगी, जिसकी रेफरेंस डेट 1 मार्च 2027 रखी गई है।
आम जनता के लिए क्या नियम हैं और क्या जानकारी मांगी जाएगी?
यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल का इस्तेमाल हो रहा है। हाउस लिस्टिंग के दौरान सर्वेक्षक आपसे 33 सवाल पूछेंगे, जिनमें घर की स्थिति, सुविधाओं और संपत्ति से जुड़ी जानकारी होगी। सरकार ने साफ किया है कि Census Act 1948 के तहत आपकी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और इसे RTI या कोर्ट में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
इस बार जनगणना में क्या नया बदलाव हुआ है?
आजादी के बाद पहली बार इस जनगणना में ऑनलाइन सेल्फ-एन्युमरेशन और जाति की गिनती (Caste Enumeration) शामिल की गई है। जाति का डेटा इलेक्ट्रॉनिक तरीके से लिया जाएगा, लेकिन लोगों के पास इसे न बताने का विकल्प भी होगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार ने 11,718.24 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। MCD इलाकों में इस काम के लिए 50,000 से ज्यादा सर्वेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या जनगणना में दी गई मेरी जानकारी सुरक्षित रहेगी?
हाँ, Census Act 1948 की धारा 15 के तहत व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। यह जानकारी RTI के दायरे में नहीं आएगी और न ही कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश की जाएगी।
जनगणना के पहले चरण में सर्वेक्षक क्या पूछेंगे?
हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) के दौरान सर्वेक्षक एक प्रश्नावली के जरिए 33 सवाल पूछेंगे, जिसमें घर की बुनियादी सुविधाओं और संपत्तियों की जानकारी ली जाएगी।