Delhi: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने एक बड़े मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने CBI के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर Ramneesh और दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड ACP V.K. Pandey को दोषी पाया है। इन दोनों अधिकारियों ने करीब 26 साल पहले
Delhi: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने एक बड़े मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने CBI के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर Ramneesh और दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड ACP V.K. Pandey को दोषी पाया है। इन दोनों अधिकारियों ने करीब 26 साल पहले एक IRS अधिकारी के घर पर गलत तरीके से छापा मारा था। कोर्ट ने माना कि यह पूरी कार्रवाई कानून के खिलाफ और गलत इरादे से की गई थी।
क्या था पूरा मामला और क्यों हुई कार्रवाई
यह मामला 19 अक्टूबर 2000 का है, जब IRS अधिकारी Ashok Kumar Aggarwal के घर पर रेड डाली गई थी। कोर्ट ने पाया कि यह छापा असल में Central Administrative Tribunal (CAT) के एक आदेश को रोकने के लिए किया गया था। CAT ने Aggarwal के सस्पेंशन की समीक्षा करने का आदेश दिया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बिना किसी ठोस वजह के घर का मुख्य दरवाजा तोड़ दिया और अधिकारी को गिरफ्तार किया।
किन धाराओं में मिली सजा और क्या था कोर्ट का फैसला
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी Shashank Nandan Bhatt ने दोनों अधिकारियों को IPC की कई धाराओं में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने साफ कहा कि यह सरकारी शक्ति का गलत इस्तेमाल था।
- धारा 323: जानबूझकर चोट पहुँचाना
- धारा 427: शरारत या नुकसान पहुँचाना
- धारा 448: आपराधिक अतिचार (बिना अनुमति घर में घुसना)
- धारा 34: साझा इरादे से किया गया अपराध
दोषी अधिकारियों और मामले की मुख्य बातें
| विवरण |
जानकारी |
| दोषी अधिकारी 1 |
Ramneesh (CBI जॉइंट डायरेक्टर) |
| दोषी अधिकारी 2 |
V.K. Pandey (रिटायर्ड ACP, दिल्ली पुलिस) |
| पीड़ित अधिकारी |
Ashok Kumar Aggarwal (IRS अधिकारी, 1985 बैच) |
| फैसले की तारीख |
18 अप्रैल 2026 |
| सजा की तारीख |
27 अप्रैल 2026 |
| घटना की तारीख |
19 अक्टूबर 2000 |
कोर्ट ने आरोपियों की उस दलील को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने सरकारी ड्यूटी के दौरान किए गए काम के लिए कानूनी सुरक्षा मांगी थी। कोर्ट ने कहा कि कानून तोड़ना और सत्ता का दुरुपयोग करना ड्यूटी का हिस्सा नहीं हो सकता।