Delhi: दिल्ली सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में फसल नुकसान के मुआवजे को 50% बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में तय किया गया कि किसानों
Delhi: दिल्ली सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में फसल नुकसान के मुआवजे को 50% बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में तय किया गया कि किसानों को मिलने वाली सहायता राशि अब ₹49,421 से बढ़ाकर ₹75,000 प्रति हेक्टेयर कर दी जाएगी।
मुआवजे में कितनी बढ़ोतरी हुई और किसे मिलेगा लाभ
यह फैसला अगस्त-सितंबर 2025 में भारी बारिश और जलभराव की वजह से बर्बाद हुई फसलों के लिए लिया गया है। सरकार ने खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए यह कदम उठाया है क्योंकि पिछला रेट 2015 में तय किया गया था। इस योजना का लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा जिनके नाम जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
| विवरण |
पुरानी दर |
नई दर |
| मुआवजा (प्रति हेक्टेयर) |
₹49,421 |
₹75,000 |
| कुल स्वीकृत फंड |
– |
₹33.32 करोड़ |
कौन से किसान इस मदद से वंचित रहेंगे
सरकार ने साफ किया है कि कुछ खास तरह की जमीनों पर यह मुआवजा नहीं मिलेगा। कंपनियों के नाम वाली जमीन, ग्राम सभा की जमीन और ऐसी फार्महाउस प्लॉट जिनमें पक्की बाउंड्री वॉल बनी हुई है, उन्हें इस सहायता राशि के दायरे से बाहर रखा गया है। Revenue Department के सर्वे के मुताबिक करीब 4,442 हेक्टेयर जमीन पर फसल पूरी तरह बर्बाद हुई थी, जिससे लगभग 10,000 किसानों को फायदा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने क्या कहा
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार अन्न उत्पादकों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में खेती का खर्च काफी बढ़ गया है, इसलिए मुआवजे की राशि बढ़ाना जरूरी था। इस आर्थिक मदद से किसान अगली फसल की बुवाई की तैयारी बेहतर तरीके से कर पाएंगे और खेती के काम में कोई रुकावट नहीं आएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
फसल नुकसान का नया मुआवजा कितना तय किया गया है?
दिल्ली कैबिनेट ने मुआवजे की राशि को ₹49,421 प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर अब ₹75,000 प्रति हेक्टेयर कर दिया है।
क्या सभी जमीन मालिकों को यह पैसा मिलेगा?
नहीं, यह सहायता केवल रिकॉर्डेड लैंडोनर्स को मिलेगी। कंपनियों, ग्राम सभा और पक्की दीवार वाले फार्महाउस की जमीन इसके लिए पात्र नहीं हैं।