Delhi: राजधानी के बाहरी उत्तरी दिल्ली के Burari इलाके में एक बेहद दुखद हादसा हुआ है। यहां मुकुंदपुर के Ishu Vihar में एक 2 साल की मासूम बच्ची, Aashvi Kesari, सरकारी खुले नाले में गिरने से उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद स
Delhi: राजधानी के बाहरी उत्तरी दिल्ली के Burari इलाके में एक बेहद दुखद हादसा हुआ है। यहां मुकुंदपुर के Ishu Vihar में एक 2 साल की मासूम बच्ची, Aashvi Kesari, सरकारी खुले नाले में गिरने से उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है और उन्होंने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा रविवार, 3 मई 2026 को हुआ। बच्ची सुबह करीब 11 बजे अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी वह अचानक खुले नाले में गिर गई। काफी तलाश के बाद दोपहर करीब 3 बजे उसका शव नाले से बरामद हुआ। बच्ची के पिता Vikas Kesari की डेयरी की दुकान पास में ही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला करीब 3 फीट चौड़ा और 4 फीट गहरा था, जिसकी सफाई के लिए स्लैब हटाए गए थे लेकिन उन्हें वापस नहीं लगाया गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही Bhalswa Dairy Police Station की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस नाले के रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी। इस मामले में Flood Control Department, MCD और PWD से जानकारी मांगी गई है ताकि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय निवासियों का आक्रोश
इलाके के लोगों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब यहां कोई नाले में गिरा हो, पहले भी कई बच्चे गिरे थे जिन्हें समय रहते बचा लिया गया था। निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी नाले को ढका नहीं गया। बच्ची के पिता ने कहा कि अगर नाले पर ढक्कन लगा होता, तो उनकी बेटी आज जिंदा होती।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हादसा दिल्ली के किस इलाके में हुआ और बच्ची की उम्र क्या थी?
यह हादसा बाहरी उत्तरी दिल्ली के Burari विधानसभा क्षेत्र के मुकुंदपुर स्थित Ishu Vihar इलाके में हुआ। इसमें जान गंवाने वाली बच्ची Aashvi Kesari की उम्र मात्र 2 साल थी।
नाले की स्थिति क्या थी जिसकी वजह से हादसा हुआ?
स्थानीय लोगों के अनुसार नाला लगभग 3 फीट चौड़ा और 4 फीट गहरा था। सफाई के लिए इसके स्लैब हटा दिए गए थे, जिन्हें बाद में वापस नहीं लगाया गया, जिससे वह खुला रह गया था।