Delhi: उत्तर दिल्ली के Burari मार्केट में 17 मई की तड़के एक बड़ी आग लग गई थी। इस हादसे में 11 दृष्टिबाधित (visually impaired) छात्र और एक दंपत्ति फंस गए थे। पुलिस के हेड कांस्टेबल Amar Singh ने मौके पर पहुंचकर अपनी जान क
Delhi: उत्तर दिल्ली के Burari मार्केट में 17 मई की तड़के एक बड़ी आग लग गई थी। इस हादसे में 11 दृष्टिबाधित (visually impaired) छात्र और एक दंपत्ति फंस गए थे। पुलिस के हेड कांस्टेबल Amar Singh ने मौके पर पहुंचकर अपनी जान की परवाह किए बिना सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
कैसे हुआ यह रेस्क्यू ऑपरेशन?
यह घटना 17 मई 2026 की सुबह करीब 2:30 बजे हुई। Burari पुलिस स्टेशन में तैनात बीट ऑफिसर हेड कांस्टेबल Amar Singh उस समय नाइट पेट्रोलिंग पर थे। एक स्थानीय निवासी ने उन्हें आग लगने की सूचना दी। जब वह मौके पर पहुंचे, तो देखा कि बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर एक ट्यूशन टीचर Ravi Yadav और उनकी पत्नी फंसे हुए थे। कमरे में घना धुआं था और छत गिरने की कगार पर थी, फिर भी अमर सिंह ने उन्हें अपने कंधों पर उठाकर बाहर निकाला।
किसे-किसे बचाया गया?
आग जिस इमारत में लगी थी, उसके बगल वाली बिल्डिंग में 11 दृष्टिबाधित छात्र मौजूद थे। आग तेजी से फैल रही थी जिससे उन छात्रों की जान को बड़ा खतरा था। हेड कांस्टेबल ने फायर ब्रिगेड और अन्य इमरजेंसी सेवाओं के पहुंचने से पहले ही अकेले दम पर इन सभी 11 छात्रों और फंसे हुए दंपत्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अधिकारियों ने क्या कहा?
DCP (North) Raja Banthia ने इस पूरे ऑपरेशन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हेड कांस्टेबल Amar Singh ने बहुत बहादुरी दिखाई और समय रहते कार्रवाई की, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस विभाग ने उनके इस त्वरित एक्शन की सराहना की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Burari में आग लगने की घटना कब हुई थी?
यह घटना 17 मई 2026 की सुबह करीब 2:30 बजे Burari मार्केट (दरोगा मार्केट) में हुई थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन में कितने लोग सुरक्षित बचाए गए?
हेड कांस्टेबल Amar Singh ने कुल 13 लोगों को बचाया, जिनमें 11 दृष्टिबाधित छात्र और ट्यूशन टीचर Ravi Yadav अपनी पत्नी के साथ शामिल थे।