Delhi: साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजब गांव में एक इमारत गिरने से बड़ा हादसा हुआ जिसमें 6 लोगों की जान चली गई और 14 लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद Supreme Court ने Municipal Corporation of Delhi (MCD) की कार्यप्रणाल
Delhi: साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजब गांव में एक इमारत गिरने से बड़ा हादसा हुआ जिसमें 6 लोगों की जान चली गई और 14 लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद Supreme Court ने Municipal Corporation of Delhi (MCD) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि अवैध निर्माण को रोकने में एमसीडी पूरी तरह नाकाम रही है।
हादसे के बाद कोर्ट और प्रशासन ने क्या कहा?
कोर्ट द्वारा नियुक्त amicus curiae सीनियर एडवोकेट अजीत कुमार सिन्हा ने रिपोर्ट में बताया कि एमसीडी को 2015 से इस अवैध निर्माण की जानकारी थी, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, जब इमारत की चौथी और पांचवीं मंजिल बनाई जा रही थी, तब भी अधिकारियों ने आंखें मूंद लीं। दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने भी एमसीडी को बिल्डिंग बायलॉज सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
एमसीडी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई और क्या मांग की गई?
लापरवाही के आरोप में एमसीडी के दो इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है। कोर्ट के वकील ने मांग की है कि एमसीडी अब एक हलफनामा दाखिल करे जिसमें बताया जाए कि दिल्ली में कितने अवैध निर्माण हुए हैं और उन पर क्या एक्शन लिया गया। साथ ही, दिल्ली पुलिस और सरकार से भी रिपोर्ट मांगी गई है ताकि यह पता चल सके कि इस हादसे में किन अधिकारियों की मिलीभगत थी।
नियमों की अनदेखी और पुलिस की चेतावनी
यह निर्माण ‘Delhi Municipal Corporation Act, 1957’ और ‘Unified Building Bye Laws 2016’ का खुला उल्लंघन था। हैरानी की बात यह है कि दिल्ली पुलिस ने मार्च 2026 में ही एमसीडी को इस जगह पर हो रहे अवैध निर्माण के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई। हादसे में जान गंवाने वाले ज्यादातर लोग युवा मेडिकल और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा कहां और कब हुआ?
यह हादसा 30 मई 2026 को दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजब गांव में हुआ, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई और 14 लोग घायल हुए।
Supreme Court ने MCD के खिलाफ क्या टिप्पणी की है?
कोर्ट ने एमसीडी को अवैध निर्माण रोकने में विफल बताया है और amicus curiae की रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।