Delhi: देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों दुनिया भर के बड़े राजनयिकों का केंद्र बन गई है। भारत की अध्यक्षता में 14 और 15 मई 2026 को BRICS विदेश मंत्रियों की एक बड़ी बैठक होने जा रही है। इस खास मौके पर बुधवार को उज्बेकिस्तान
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों दुनिया भर के बड़े राजनयिकों का केंद्र बन गई है। भारत की अध्यक्षता में 14 और 15 मई 2026 को BRICS विदेश मंत्रियों की एक बड़ी बैठक होने जा रही है। इस खास मौके पर बुधवार को उज्बेकिस्तान के डिप्टी विदेश मंत्री Aloyev Bakhromjon Joraboevich दिल्ली पहुंचे, जिनका विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्वागत किया।
BRICS बैठक का मुख्य एजेंडा और उद्देश्य क्या है?
इस बैठक की थीम ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability’ रखी गई है। इसमें दुनिया भर की समस्याओं और आपसी सहयोग पर चर्चा होगी। मुख्य रूप से ईरान संघर्ष को रोकने और मिडिल ईस्ट में शांति बहाल करने पर जोर दिया जाएगा। भारत का पूरा फोकस ‘Humanity First’ यानी इंसानियत को सबसे ऊपर रखने और लोगों की भलाई पर आधारित दृष्टिकोण पर रहेगा।
कौन-कौन से देशों के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच रहे हैं?
इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग की अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर करेंगे। बैठक में कई महत्वपूर्ण देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं:
| देश |
प्रतिनिधि |
| उज्बेकिस्तान |
Aloyev Bakhromjon Joraboevich |
| दक्षिण अफ्रीका |
Ronald Lamola |
| रूस |
Sergey Lavrov |
| ब्राजील |
Mauro Vieira |
| चिली |
Francisco Pérez Mackenna |
| ईरान |
Seyed Abbas Araghchi |
| चीन |
Xu Feihong (Ambassador) |
बैठक के दौरान किन खास मुद्दों पर होगी बात?
बैठक में ग्लोबल गवर्नेंस संस्थानों में सुधार और बदलते भू-राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी। ईरान के विदेश मंत्री ने मांग की है कि अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों की संयुक्त रूप से निंदा की जाए। वहीं दक्षिण अफ्रीका के मंत्री रोनाल्ड लमोला ने भरोसा जताया है कि इस बातचीत से सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा और दुनिया के लिए एक बेहतर ढांचा तैयार होगा। सभी प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक कब हो रही है?
यह बैठक 14 और 15 मई 2026 को आयोजित की जा रही है, जिसकी अध्यक्षता भारत कर रहा है।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक सहयोग बढ़ाना, ईरान और मिडिल ईस्ट जैसे क्षेत्रों में संघर्ष को कम करना और वैश्विक शासन संस्थानों में सुधार करना है।