Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के जाफरपुर कलां इलाके में बिहार के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक पांडव कुमार खगड़िया जिले का रहने वाला था और Zomato में डिलीवरी बॉय का काम करता था। आरोप है कि दिल्ली पुलिस के एक
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के जाफरपुर कलां इलाके में बिहार के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक पांडव कुमार खगड़िया जिले का रहने वाला था और Zomato में डिलीवरी बॉय का काम करता था। आरोप है कि दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल ने बहस के बाद उसकी जान ले ली, जिससे अब बिहारी प्रवासियों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले भेदभाव पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
क्या थी पूरी घटना और कैसे हुई हत्या
यह मामला 26 अप्रैल 2026 की सुबह का है। 21 साल का पांडव कुमार अपने दोस्त किशन पटेल के साथ एक पार्टी से लौट रहा था। रास्ते में उनकी मुलाकात दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल नीरज बलहारा से हुई और दोनों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि नीरज नशे में था और जब उसे पता चला कि पांडव बिहार का रहने वाला है, तो वह गुस्से में आ गया और उसने गोली चला दी। गोली पांडव के सीने को पार करते हुए उसके दोस्त किशन को भी लगी, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
आरोपी पर क्या कार्रवाई हुई और परिवार की क्या मांग है
पुलिस ने आरोपी हेड कॉन्स्टेबल नीरज बलहारा को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 103(1)/109(1) और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित परिवार ने सरकार से आरोपी को फांसी की सजा देने, मृतक के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और प्रवासियों का विरोध
इस घटना के बाद दिल्ली और बिहार की राजनीति गरमा गई है। प्रशांत किशोर और चिराग पासवान ने इस हत्या की कड़ी निंदा की है। चिराग पासवान ने बिहारी प्रवासियों की सुरक्षा के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मांग की है, वहीं जन सुराज पार्टी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को ज्ञापन सौंपा है। दूसरी तरफ, दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग की। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का एक बयान विवादों में रहा, जिस पर काफी नाराजगी देखी जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पांडव कुमार की हत्या का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है
आरोप है कि दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल नीरज बलहारा नशे में था और बहस के दौरान पांडव के बिहारी होने की बात सुनकर उसने गोली चला दी।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से क्या मांग की है
परिवार ने आरोपी पुलिसकर्मी को फांसी की सजा, 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।