Delhi से Bihar के 18 शहरों के लिए चलेंगी सीधी बसें, छठ पूजा से पहले शुरू हो सकती है सेवा; देखें पूरी लिस्ट
Delhi/Bihar: दिल्ली और बिहार के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब ट्रेन और फ्लाइट के अलावा सड़क मार्ग से भी सीधी यात्रा का विकल्प मिलेगा। दिल्ली सरकार ने बिहार के 18 प्रमुख शहरों को राजधानी से जोड़ने
Delhi/Bihar: दिल्ली और बिहार के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब ट्रेन और फ्लाइट के अलावा सड़क मार्ग से भी सीधी यात्रा का विकल्प मिलेगा। दिल्ली सरकार ने बिहार के 18 प्रमुख शहरों को राजधानी से जोड़ने के लिए एक अंतरराज्यीय बस सेवा का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे उन लाखों लोगों को काफी सुविधा होगी जो काम के सिलसिले में दिल्ली में रहते हैं और त्योहारों के समय घर जाने के लिए परेशान होते हैं।
दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने बिहार के साथ एक पारस्परिक परिवहन समझौते का प्रस्ताव रखा है। इस समझौते का ड्राफ्ट 8 अगस्त 2026 को सार्वजनिक किया गया था, जिस पर लोग 5 सितंबर 2026 तक अपनी राय या आपत्ति दे सकते हैं। उम्मीद है कि सितंबर 2026 में दोनों सरकारें इस पर एक MoU साइन करेंगी। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया है कि ये बसें केवल त्योहारों के लिए नहीं बल्कि पूरे साल चलेंगी। यह पूरी व्यवस्था इस साल छठ पूजा से पहले शुरू करने की तैयारी है।
इस सेवा के तहत दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) शुरू में 50 से 70 सेमी-स्लीपर डीलक्स बसें (AC और नॉन-AC) चलाएगा। कुल मिलाकर 149 बसों को जोड़ने का प्रस्ताव है। इन बसों के लिए आनंद विहार में एक नया बस टर्मिनल विकसित किया जा रहा है। ये बसें यूपी के नोएडा, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे बड़े शहरों से होते हुए बिहार पहुंचेंगी।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल शहर | बिहार के 18 प्रमुख शहर |
| प्रमुख रूट | पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, बिहार शरीफ, बक्सर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी और नवादा |
| सबसे लंबा रूट | दिल्ली से किशनगंज (लगभग 1,416 किमी) |
| बस के प्रकार | BS-VI डीजल, CNG और इलेक्ट्रिक बसें |
| परमिट कोटा | दिल्ली और बिहार के लिए प्रति रूट 12 बसें |
| समझौते की अवधि | 10 साल के लिए प्रभावी |
नियमों के मुताबिक, जो बसें एक राज्य में रजिस्टर्ड और टैक्स पेड होंगी, उन्हें दूसरे राज्य में दोबारा स्पेशल रोड टैक्स या मोटर व्हीकल टैक्स नहीं देना होगा, बशर्ते उनके पास काउंटर-सिग्नेचर हो। सभी बसों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और इमरजेंसी बटन लगाना अनिवार्य होगा। डीजल बसों की उम्र 10 साल और पेट्रोल/CNG वाहनों की उम्र 15 साल तक सीमित रखी गई है।