Delhi: दिल्ली सरकार के वन एवं वन्यजीव विभाग ने भाटी माइंस इलाके को हरा-भरा बनाने के लिए एक खास योजना तैयार की है। यहां जापानी तकनीक यानी मियावाकी मेथड से एक घना जंगल विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत इलाके में करीब
Delhi: दिल्ली सरकार के वन एवं वन्यजीव विभाग ने भाटी माइंस इलाके को हरा-भरा बनाने के लिए एक खास योजना तैयार की है। यहां जापानी तकनीक यानी मियावाकी मेथड से एक घना जंगल विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत इलाके में करीब 60,000 पौधे लगाए जाएंगे, जिससे कंक्रीट के बीच लोगों को शुद्ध हवा और हरियाली मिलेगी।
मियावाकी जंगल का क्या है प्लान
दिल्ली वन विभाग ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को बताया कि भाटी गांव और सउदर्न रिज के इलाके में यह प्लांटेशन किया जाएगा। यह पूरा काम चार महीने के अंदर पूरा करने का लक्ष्य है, जिसमें सर्दियों के समय को छोड़कर पौधे लगाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए विभाग ने प्रशासनिक मंजूरी ली है और पौधों की देशी प्रजातियों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
जमीन की सफाई और बाउंड्री का काम
जंगल को विकसित करने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) को निर्देश दिए गए हैं कि वे वन भूमि से कचरा साफ करें। इसके साथ ही जिला मजिस्ट्रेट (South) को भी आदेश दिए गए हैं ताकि उन जमीनों तक पहुंच बनाई जा सके जो फिलहाल बंद हैं। सुरक्षा के लिए खसरा नंबर के हिसाब से बाउंड्री और फेंसिंग लगाने का काम भी किया जाएगा।
क्या है मियावाकी तकनीक और दिल्ली का मेगा प्लान
मियावाकी तकनीक में देशी पौधों को बहुत पास-पास (3-5 पौधे प्रति वर्ग मीटर) लगाया जाता है, जिससे जंगल तेजी से बढ़ता है। दिल्ली सरकार ने ‘ग्रीन मेगा प्लान 2026-27’ के तहत 15 नए शहरी वन और दो मियावाकी जंगल बनाने का लक्ष्य रखा है। इस पूरे प्लान के जरिए साल 2026-27 तक कुल 70 लाख पौधे लगाने की तैयारी है ताकि शहर की हवा बेहतर हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भाटी माइंस में कितने पौधे लगाए जाएंगे?
दिल्ली सरकार के वन विभाग के अनुसार भाटी माइंस और सउदर्न रिज क्षेत्र में मियावाकी तकनीक का उपयोग करके कुल 60,000 पौधे लगाए जाएंगे।
मियावाकी तकनीक क्या होती है?
यह एक जापानी तरीका है जिसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधों को बहुत घने तरीके से लगाया जाता है, जिससे प्राकृतिक जंगल बहुत तेजी से विकसित होते हैं।