Delhi: दिल्ली के भैरों मार्ग पर बनने वाला अंडरपास नंबर 5 एक बार फिर से शुरू हो गया है। करीब तीन साल से रुका हुआ यह काम अब तेजी से पूरा किया जाएगा, जिससे नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आने वाले लाखों लोगों को भारी जाम से छु
Delhi: दिल्ली के भैरों मार्ग पर बनने वाला अंडरपास नंबर 5 एक बार फिर से शुरू हो गया है। करीब तीन साल से रुका हुआ यह काम अब तेजी से पूरा किया जाएगा, जिससे नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आने वाले लाखों लोगों को भारी जाम से छुटकारा मिलेगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश सिंह वर्मा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को फरवरी 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
अंडरपास के काम में देरी क्यों हुई और अब क्या बदलाव हुए हैं
यह प्रोजेक्ट 2023 में यमुना नदी में आई बाढ़ की वजह से रुक गया था। उस समय रेलवे लाइन के नीचे डाला गया कंक्रीट बॉक्स धंस गया था। अब पीडब्ल्यूडी ने IIT-Delhi और IIT-Bombay के एक्सपर्ट्स की सलाह पर ‘कास्ट-इन-सिटू’ तकनीक अपनाई है। नए डिजाइन में अंडरपास की ऊंचाई 5.5 मीटर से घटाकर 3.9 मीटर और चौड़ाई 11.5 मीटर से घटाकर 6.25 मीटर कर दी गई है। अब यह अंडरपास केवल कारों और दोपहिया वाहनों के लिए दो लेन का होगा।
किन रास्तों पर कम होगा ट्रैफिक का दबाव
इस अंडरपास के चालू होने से रिंग रोड, भैरों मार्ग, सराय काले खां और ITO के आसपास लगने वाले जाम में बड़ी कमी आएगी। यह प्रगति मैदान कॉरिडोर और सेंट्रल दिल्ली की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। खासकर ITPO परिसर में होने वाले बड़े आयोजनों के दौरान ट्रैफिक का बहाव सुगम रहेगा। भारतीय रेलवे ने भी इसके लिए अपनी मंजूरी दे दी है और काम के दौरान कुछ ट्रेनों के रूट बदले जा सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भैरों मार्ग अंडरपास कब तक बनकर तैयार होगा
पीडब्ल्यूडी मंत्री के अनुसार, इस अंडरपास का काम फरवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
क्या इस अंडरपास से भारी वाहन गुजर सकेंगे
नहीं, संशोधित डिजाइन के अनुसार यह अंडरपास केवल हल्के मोटर वाहनों जैसे कार और दोपहिया वाहनों के लिए दो लेन वाला होगा।