Delhi: बाहरी दिल्ली के भाग्य विहार इलाके में पिछले एक महीने से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। यहां के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए महंगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी
Delhi: बाहरी दिल्ली के भाग्य विहार इलाके में पिछले एक महीने से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। यहां के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए महंगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
भाग्य विहार में पानी की कमी क्यों है और क्या है मौजूदा स्थिति?
भाग्य विहार में जल संकट करीब एक महीने से चल रहा है। लोग पूरी तरह से टैंकरों पर निर्भर हो चुके हैं और उन्हें काफी महंगे रेट पर पानी खरीदना पड़ रहा है। दिल्ली जल बोर्ड ने बताया कि यमुना में पानी का स्तर कम होने और सोनिया विहार प्लांट में बिजली कटौती की वजह से उत्तर-पूर्वी, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके अलावा, पुरानी पाइपलाइनों की खराब हालत भी एक बड़ा कारण है।
सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाएगी?
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने घोषणा की है कि सरकार पानी की आपूर्ति प्रणाली में बदलाव करेगी। इसके लिए जनसंख्या घनत्व और पानी की मांग का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। दिल्ली के 16,634 किलोमीटर लंबे नेटवर्क में से लगभग 5,500 किलोमीटर पाइपलाइनें 30 साल से ज्यादा पुरानी हैं, जिन्हें बदला जाएगा। साथ ही, रिसाव और चोरी को रोकने के लिए नई योजनाएं लागू होंगी।
पानी की किल्लत दूर करने के लिए अन्य सरकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गर्मियों में पानी की कमी न हो और शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जाए। सरकार द्वारका और नरेला के नए DDA फ्लैटों में ड्यूल पाइपिंग सिस्टम की जांच कर रही है, जिससे पीने के पानी की बचत होगी। इसके अलावा, हरियाणा सरकार ने दिल्ली को 1000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी देने पर सहमति जताई है। हरियाणा से आने वाली नहर प्रणाली में होने वाले 40-45% नुकसान को रोकने के लिए IIT रुड़की से अध्ययन कराया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भाग्य विहार में जल संकट कितने समय से चल रहा है?
भाग्य विहार में गंभीर जल संकट पिछले एक महीने से चल रहा है, जिसकी रिपोर्ट 4 जून, 2026 को सामने आई। यहां के लोग टैंकरों और महंगे पानी पर निर्भर हैं।
दिल्ली सरकार पानी की समस्या को कैसे ठीक करेगी?
सरकार पुरानी पाइपलाइनों को बदलेगी और जल वितरण का वैज्ञानिक अध्ययन करेगी। साथ ही, हरियाणा से आने वाले पानी के नुकसान को कम करने के लिए बंद पाइपलाइन प्रणाली पर काम किया जा रहा है।