Delhi: देश की राजधानी दिल्ली अब चोरों के लिए सबसे पसंदीदा जगह बन गई है। National Crime Records Bureau (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 19 बड़े शहरों में होने वाली कुल चोरियों का 73% हिस्सा अकेले दिल्ली में दर्ज
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली अब चोरों के लिए सबसे पसंदीदा जगह बन गई है। National Crime Records Bureau (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 19 बड़े शहरों में होने वाली कुल चोरियों का 73% हिस्सा अकेले दिल्ली में दर्ज हुआ है। आंकड़ों की मानें तो यहाँ हर 3 मिनट में एक चोरी की वारदात हो रही है, जो आम जनता के लिए चिंता का विषय है।
दिल्ली में चोरी के आंकड़े क्या कहते हैं?
NCRB की ‘Crime in India 2024’ रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में दिल्ली में कुल 1,80,973 चोरी के मामले दर्ज किए गए। इसका मतलब है कि दिल्ली में औसतन हर दिन 497 चोरियां हुईं। चोरी की वजह से लोगों को करीब 671.4 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसमें से पुलिस केवल 15.6% सामान ही बरामद कर पाई।
अपराधों में कमी आई या बढ़ी?
रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली में कुल आपराधिक मामलों में 2023 के मुकाबले 15.07% की गिरावट आई है। प्रॉपर्टी से जुड़े अपराधों में भी 14.4% की कमी देखी गई। लेकिन इसके बावजूद, चोरी अब भी सबसे बड़ा सिरदर्द बनी हुई है, क्योंकि प्रॉपर्टी क्राइम के कुल मामलों में 87.9% हिस्सा अकेले चोरी का है। दिल्ली महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी आगे रही है।
पुलिस और NCRB का इस पर क्या कहना है?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यहाँ चोरी के मामले इसलिए ज्यादा दिख रहे हैं क्योंकि FIR दर्ज करने की प्रक्रिया अब आसान हो गई है। NCRB ने भी यह बात मानी है कि ऑनलाइन FIR की सुविधा की वजह से लोग अब छोटी-छोटी चोरियों और गाड़ियों की चोरी की रिपोर्ट ज्यादा दर्ज कराते हैं, जिससे आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, चार्जशीट दाखिल करने की रफ्तार राष्ट्रीय औसत 61.4% के मुकाबले दिल्ली में केवल 31.9% रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में हर दिन औसतन कितनी चोरियां हो रही हैं?
NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में साल 2024 में 1,80,973 चोरी के मामले दर्ज हुए, जिसका मतलब है कि यहाँ हर दिन लगभग 497 चोरियां हो रही हैं।
चोरी के मामलों में रिकवरी रेट क्या है?
दिल्ली में साल 2024 में चोरी हुए सामान की कुल कीमत 671.4 करोड़ रुपये थी, जिसमें से पुलिस ने केवल 15.6% सामान बरामद किया।