Delhi: बाहरी राज्यों से दिल्ली में आने वाले प्रदूषण फैलाने वाले और प्रतिबंधित वाहनों को रोकने के लिए अब नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय शहर में 35 ‘बैरियर फ्री’ गैंट्री
Delhi: बाहरी राज्यों से दिल्ली में आने वाले प्रदूषण फैलाने वाले और प्रतिबंधित वाहनों को रोकने के लिए अब नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय शहर में 35 ‘बैरियर फ्री’ गैंट्री लगाने की तैयारी कर रहा है। यह सिस्टम बिना गाड़ियों को रोके ही उनकी पहचान कर लेगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।
क्या है यह बैरियर फ्री सिस्टम और कैसे काम करेगा
यह प्रणाली गुजरात के चोर्यासी और दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर लगे सिस्टम की तरह होगी। इसमें FASTag और ANPR कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा, जो चलते वाहनों की पहचान कर सकेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य वाणिज्यिक वाहनों (Commercial Vehicles) से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है। इससे हाईवे पर सफर तेज होगा और समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी।
किन गाड़ियों पर होगी सख्ती और क्या हैं नियम
इन गैंट्री के जरिए उन गाड़ियों को पकड़ा जाएगा जो दिल्ली के नियमों का उल्लंघन करती हैं। मुख्य रूप से 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा, 1 नवंबर 2025 से बाहरी राज्यों से आने वाले गैर-बीएस6 (Non-BS6) मानक वाले कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। केवल बीएस6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को ही अनुमति मिलेगी।
जुर्माना और अन्य सख्त निर्देश
नियमों का पालन न करने वालों पर 10,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 से ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम सख्ती से लागू होगा, यानी बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। प्रदूषण बढ़ने पर वर्क-फ्रॉम-होम और अन्य पाबंदियों पर भी विचार किया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बैरियर फ्री गैंट्री से किन वाहनों की पहचान होगी
इस सिस्टम से 10 साल से पुराने डीजल, 15 साल से पुराने पेट्रोल और गैर-बीएस6 मानक वाले कमर्शियल वाहनों की पहचान की जाएगी।
नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना देना होगा
प्रदूषण नियमों और वाहन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर वाहन मालिक को 10,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।