Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के चुनाव के दौरान वोटों की गिनती में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि काउंटिंग स्टाफ ने कुछ मतपत्रों (ballots) के साथ छेड़छाड़ की ताकि किसी खास उम्मी
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के चुनाव के दौरान वोटों की गिनती में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि काउंटिंग स्टाफ ने कुछ मतपत्रों (ballots) के साथ छेड़छाड़ की ताकि किसी खास उम्मीदवार को फायदा पहुंचाया जा सके। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ वोटों का हेरफेर और किसे मिला फायदा
चुनाव प्रक्रिया में प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया था। जांच में पता चला कि कुछ मतपत्रों पर दूसरी पसंद (second preference) के वोटों को बदला गया। आरोपी ने ‘2’ नंबर से पहले ‘1’ लिखकर उसे ’12’ बना दिया और फिर किसी दूसरे उम्मीदवार के पक्ष में नया ‘2’ मार्क कर दिया। इस तरह की हेराफेरी से एडवोकेट Vishnu Sharma को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।
कौन है आरोपी और पुलिस की अब तक की कार्रवाई
चुनाव समिति की आंतरिक जांच के बाद बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के सचिव ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने रमेश नगर निवासी 24 वर्षीय Nikhil Kumar को इस मामले में नामजद किया है, जो काउंटिंग स्टाफ का हिस्सा था। DCP (New Delhi) Sachin Sharma ने बताया कि पुलिस ने संदिग्ध मतपत्रों को अपने कब्जे में ले लिया है और इस बात की जांच की जा रही है कि क्या इसमें कोई और भी शामिल था।
किन धाराओं के तहत दर्ज हुई FIR और क्या थे नियम
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इसमें मुख्य रूप से धोखाधड़ी और दस्तावेजों में जालसाजी से जुड़ी धाराएं शामिल हैं:
| धारा (BNS) |
अपराध का प्रकार |
| 318 |
धोखाधड़ी (Cheating/Forgery) |
| 336 |
जालसाजी (Forgery) |
| 340 |
फर्जी दस्तावेज को असली बताना |
| 61(2) |
आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) |
नियमों के मुताबिक, यदि मतपत्र पर कोई काट-छाँट, मिटावट या बदलाव पाया जाता है, तो उस वोट को खारिज कर दिया जाता है। यह पूरा मामला 15 अप्रैल 2026 को काउंटिंग के एलिमिनेशन राउंड के दौरान पकड़ा गया था।