Delhi: राजधानी दिल्ली में 21 मई से 23 मई 2026 तक ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों का तीन दिवसीय ‘चक्का जाम’ चल रहा है। यह हड़ताल मुख्य रूप से CNG, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और पिछले 15 सालों से नहीं बदले किराए क
Delhi: राजधानी दिल्ली में 21 मई से 23 मई 2026 तक ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों का तीन दिवसीय ‘चक्का जाम’ चल रहा है। यह हड़ताल मुख्य रूप से CNG, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और पिछले 15 सालों से नहीं बदले किराए के विरोध में की गई है। ड्राइवरों का कहना है कि ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों के कारण उनका आर्थिक शोषण हो रहा है।
हड़ताल के मुख्य कारण और मांगें क्या हैं?
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) और दिल्ली चालक शक्ति यूनियन जैसी 68 से ज्यादा यूनियनों ने इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया है। ड्राइवरों की मुख्य मांग किराए में तत्काल बढ़ोतरी करना है। इसके अलावा, कमर्शियल वाहनों पर लगे पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिभार (ECC) और 1 नवंबर 2026 से पुराने BS-4 वाहनों पर लगने वाले प्रतिबंध का भी विरोध किया जा रहा है। यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल को पत्र भेजा है।
आम जनता पर क्या असर होगा और कौन सी सेवाएं चालू हैं?
इस हड़ताल का असर मिला-जुला रहा है। दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन समेत पांच बड़ी यूनियनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है, जिससे कई इलाकों में ऑटो और टैक्सी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित सेवाएं भी चालू हैं, हालांकि कुछ ड्राइवर अपनी मर्जी से काम बंद कर सकते हैं। हवाई अड्डे ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है क्योंकि ट्रकों और मालवाहक वाहनों पर इसका ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और भविष्य की चेतावनी
महंगाई के इस मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों की आलोचना की है। हड़ताल में शामिल ड्राइवरों का कहना है कि कम किराए और ईंधन के बढ़ते दाम के कारण उनका गुजारा करना मुश्किल हो गया है। अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो इस आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर ले जाने की चेतावनी दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में ऑटो-टैक्सी हड़ताल कब तक चलेगी?
यह हड़ताल 21 मई 2026 से शुरू हुई है और 23 मई 2026 तक चलेगी।
क्या ओला और उबर की सेवाएं बंद हैं?
नहीं, ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित सेवाओं ने हड़ताल का समर्थन नहीं किया है और उनकी सेवाएं आमतौर पर चालू हैं।