Delhi: दिल्ली विधानसभा में आज मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे से एक विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र का मुख्य मकसद महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद सदन पहुंची हैं और माना
Delhi: दिल्ली विधानसभा में आज मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे से एक विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र का मुख्य मकसद महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद सदन पहुंची हैं और माना जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर सदन में काफी हंगामा हो सकता है।
महिला आरक्षण बिल पर क्या है पूरा विवाद
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने I.N.D.I.A गठबंधन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल में बाधा डाली। CM रेखा गुप्ता सदन में विपक्षी गठबंधन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव (Censure Motion) लाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि विपक्ष ने देश की महिलाओं की 33 प्रतिशत आरक्षण की उम्मीदों को तोड़ा है। साथ ही उन्होंने अरविंद केजरीवाल के न्यायपालिका पर दिए बयानों को लेकर भी उन पर हमला किया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और नए नियम क्या हैं
इस सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा होगी, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं समेत दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें रिजर्व करने का प्रावधान रखता है। केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को इसे गजट नोटिफिकेशन के जरिए लागू किया था। हालांकि, आरक्षण का असल फायदा अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन (Delimitation) के बाद ही मिल पाएगा। इसी बीच, लोकसभा में 131वें संशोधन विधेयक 2026 के गिर जाने से यह मामला और गरमा गया है, जिसमें सीटों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव था।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और सत्र की प्रक्रिया
हाल ही में हुई सुरक्षा चूक और बम की धमकियों को देखते हुए विधानसभा परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब सदस्यों और आगंतुकों का प्रवेश केवल गेट नंबर 1 से होगा, बाकी गेट बंद रखे गए हैं। इस विशेष सत्र की मंजूरी उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने दी है और सत्र की शुरुआत स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने की। यह सत्र फिलहाल एक दिन का है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महिला आरक्षण बिल के तहत कितनी सीटें रिजर्व होंगी
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें रिजर्व करने का प्रावधान है।
यह आरक्षण कब से लागू होगा
यह कानून लागू हो चुका है, लेकिन इसका कार्यान्वयन अगली जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया (Delimitation exercise) के पूरा होने पर निर्भर करेगा।