Delhi: सिविल लाइन्स स्थित विधानसभा परिसर की सुरक्षा अब और पुख्ता होने जा रही है। सुरक्षा में हुई चूक और बम की फर्जी धमकियों के बाद दिल्ली सरकार ने यहां वॉचटावर और पेट्रोलिंग ट्रैक बनाने का फैसला किया है। इस पूरे प्रोजेक्
Delhi: सिविल लाइन्स स्थित विधानसभा परिसर की सुरक्षा अब और पुख्ता होने जा रही है। सुरक्षा में हुई चूक और बम की फर्जी धमकियों के बाद दिल्ली सरकार ने यहां वॉचटावर और पेट्रोलिंग ट्रैक बनाने का फैसला किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए PWD ने टेंडर जारी कर दिया है ताकि जल्द से जल्द काम शुरू हो सके।
सुरक्षा के लिए क्या होगा नया इंतजाम
PWD इस प्रोजेक्ट पर करीब 94 लाख रुपये खर्च करेगा। विधानसभा की बाउंड्री वॉल के साथ एक खास पेट्रोलिंग ट्रैक बनाया जाएगा जिससे सुरक्षाकर्मी तेजी से घूम सकें। साथ ही एक वॉचटावर भी खड़ा किया जाएगा, जिससे ऊपर से पूरे इलाके पर नजर रखना आसान होगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह काम टेंडर मिलने के दो महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला
यह कदम अप्रैल 2026 में हुई एक बड़ी सुरक्षा चूक के बाद उठाया गया है। उस समय सरबजीत सिंह नाम का एक व्यक्ति सफेद SUV लेकर गेट नंबर 2 तोड़कर अंदर घुस गया था और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की गाड़ी पर गुलदस्ता रखकर फरार हो गया था। इसके अलावा मार्च और अप्रैल 2026 के बजट सत्र के दौरान स्पीकर को कई फर्जी बम की धमकियां भी मिली थीं। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा की समीक्षा की गई और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की सुरक्षा को ‘Z’ कैटेगरी में बढ़ा दिया गया है।
अन्य सुरक्षा उपाय और नियम
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली पुलिस, IB और PWD के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। अब सभी गेटों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर्स लगाए जाएंगे और एक्सेस कंट्रोल सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक समर्पित मोबाइल पेट्रोल व्हीकल भी तैनात रहेगा और सभी एजेंसियां आपस में रीयल-टाइम जानकारी साझा करेंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विधानसभा में वॉचटावर बनाने का खर्च कितना आएगा?
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 94 लाख रुपये है, जिसे PWD द्वारा पूरा किया जाएगा और इसे दो महीने में खत्म करने का लक्ष्य है।
सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी?
अप्रैल 2026 में एक व्यक्ति ने जबरन गेट तोड़कर परिसर में प्रवेश किया था और बजट सत्र के दौरान कई फर्जी बम की धमकियां मिली थीं।