Delhi Assembly सुरक्षा breach मामला, कोर्ट ने आरोपी की मानसिक स्थिति जांचने के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का दिया आदेश

Delhi: दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने एक बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने IHBAS के डायरेक्टर को एक मेडिकल बोर्ड बनाने के निर्देश दिए हैं, जो आरोपी सरबजीत सिंह की मानसिक स्थिति की जां

Delhi: दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने एक बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने IHBAS के डायरेक्टर को एक मेडिकल बोर्ड बनाने के निर्देश दिए हैं, जो आरोपी सरबजीत सिंह की मानसिक स्थिति की जांच करेगा। यह जांच तय करेगी कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है या नहीं और क्या वह अपना बचाव करने में सक्षम है।

यह आदेश 27 जुलाई 2026 को Additional Sessions Judge (ASJ) अंकुर जैन ने सरबजीत सिंह की तरफ से दी गई एक अर्जी पर सुनाया। आरोपी के वकील अंशुल शुक्ला ने कोर्ट को बताया कि सरबजीत सिंह ‘Bipolar disorder’ नाम की बीमारी से जूझ रहे हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश हुए APP अतुल श्रीवास्तव ने मेडिकल बोर्ड बनाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

कोर्ट ने साफ कहा है कि मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम (Mental Health Act) के नियमों के हिसाब से IHBAS एक विशेषज्ञ के साथ मेडिकल बोर्ड का गठन करे। आदेश की कॉपी IHBAS डायरेक्टर और जांच अधिकारी (IO) को भेज दी गई है ताकि जांच जल्द पूरी हो सके। साथ ही जेल अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि जब भी जरूरत हो, सरबजीत सिंह को IHBAS डायरेक्टर के सामने पेश किया जाए।

मामले की जानकारी दें तो 6 अप्रैल 2026 को सरबजीत सिंह ने अपनी कार दिल्ली विधानसभा के गेट नंबर 2 से अंदर घुसा दी थी, जिसमें ड्यूटी पर तैनात एक गार्ड घायल हो गया था। पुलिस पूछताछ के बाद उसे 5 अप्रैल 2026 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया कि आरोपी अपने लापता भतीजे के मामले की ओर सबका ध्यान खींचना चाहता था। परिवार का कहना था कि वह मानसिक रूप से बीमार है और घटना से कुछ दिन पहले उसने अपनी दवाइयां लेना बंद कर दिया था। इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 को होगी, जिसमें उसकी जमानत याचिका पर भी विचार किया जाएगा।