Delhi: राजधानी दिल्ली के Asola Bhatti Wildlife Sanctuary को बचाने और जानवरों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। Wildlife Institute of India (WII) ने 10 साल का मैनेजमेंट प्लान बनाया है, जो 2034-35 तक चलेगा
Delhi: राजधानी दिल्ली के Asola Bhatti Wildlife Sanctuary को बचाने और जानवरों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। Wildlife Institute of India (WII) ने 10 साल का मैनेजमेंट प्लान बनाया है, जो 2034-35 तक चलेगा। इस योजना के तहत जंगल के कुछ हिस्सों को खास तौर पर तेंदुओं और सियार जैसे जानवरों के लिए सुरक्षित किया जाएगा ताकि वे बिना किसी डर के रह सकें।
नया मैनेजमेंट प्लान क्या है और इसमें क्या बदलाव होंगे?
इस नए प्लान में जंगल को दो हिस्सों में बांटा गया है। इसमें 9 वर्ग किलोमीटर के इलाके को ‘कोर जोन’ बनाया जाएगा, जहां जानवरों की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान रहेगा। वहीं, 7.6 वर्ग किलोमीटर के हिस्से को ‘टूरिस्ट जोन’ के तौर पर रखा गया है। इसके अलावा, जंगल में आने वाले सैलानियों की संख्या भी तय की जाएगी ताकि प्रकृति का संतुलन बना रहे और जानवरों को परेशानी न हो।
तेंदुओं और अन्य जानवरों की क्या स्थिति है?
WII ने 23 कैमरा ट्रैप की मदद से यहाँ 23 तरह के स्तनधारी जानवरों की मौजूदगी दर्ज की है। रिसर्च में पाया गया कि यहाँ रीसस मकाक, नीलगाय और सुनहरे सियार सबसे ज्यादा दिखते हैं, जबकि तेंदुए और धारीदार लकड़बग्घे कम आबादी में हैं। दिल्ली फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने मई 2024 में तेंदुओं की गिनती शुरू की थी। फरवरी 2025 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ तेंदुओं की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जिसमें शावक भी शामिल हैं।
जानवरों की सुरक्षा के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन Suneesh Buxy ने बताया कि नया प्लान मुंबई के Sanjay Gandhi National Park की तर्ज पर बनाया गया है, ताकि इंसानों और जानवरों के बीच होने वाले टकराव को कम किया जा सके। पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh Sirsa ने कहा कि जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करना सबसे जरूरी है। निगरानी बढ़ाने के लिए कैमरा ट्रैप की संख्या 15 से बढ़ाकर 60 कर दी गई है। साथ ही, पिछले पांच सालों में शहर से पकड़े गए 6,500 से ज्यादा बंदरों को इस सेंचुरी में छोड़ा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Asola Bhatti Sanctuary में तेंदुओं की संख्या कितनी है?
फरवरी 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, सेंचुरी में तेंदुओं की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जिसमें छोटे शावक भी शामिल हैं। यह संख्या एक साल में करीब 50% बढ़ी है।
नया मैनेजमेंट प्लान कितने समय के लिए है?
Wildlife Institute of India द्वारा तैयार यह मैनेजमेंट प्लान 10 साल के लिए है, जो साल 2034-35 तक लागू रहेगा।