Delhi: राजधानी दिल्ली में इन दिनों भीषण गर्मी और धूल भरी हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। इस वजह से हवा की क्वालिटी यानी AQI काफी खराब हो गया है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि 28
Delhi: राजधानी दिल्ली में इन दिनों भीषण गर्मी और धूल भरी हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। इस वजह से हवा की क्वालिटी यानी AQI काफी खराब हो गया है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि 28 मई से मौसम बदलने वाला है और बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।
दिल्ली में AQI की क्या है स्थिति
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, 26 मई को सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 301 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। लोनी जैसे कुछ इलाकों में तो यह 417 तक पहुंच गया, जिसे ‘गंभीर’ माना जाता है। हालांकि, अगर पूरे मई महीने (1 से 25 मई) का औसत देखें तो यह 156 रहा है, जो पिछले कई सालों के मुकाबले बेहतर है।
गर्मी और लू से कब मिलेगी राहत
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 मई तक लू के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। 27 मई को तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। राहत की बात यह है कि 28 मई को हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इसके बाद तापमान में 7-8 डिग्री की कमी आने की उम्मीद है और 30-31 मई को मौसम सुहावना रहेगा।
प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए
हवा खराब होने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 19 मई को GRAP का पहला चरण लागू किया था। इसके तहत निर्माण कार्यों, होटलों के तंदूर में कोयले के इस्तेमाल और कचरा जलाने पर रोक लगाई गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने डीजल जनरेटर के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने IIT कानपुर के साथ समझौता किया है, जिससे AI की मदद से 48-72 घंटे पहले प्रदूषण का अनुमान लगाया जा सकेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में बारिश कब होगी और तापमान कितना कम होगा
मौसम विभाग के अनुसार 28 मई से दिल्ली में हल्की बारिश और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में 7-8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
GRAP चरण-I लागू होने से क्या बदलाव आए हैं
GRAP स्टेज-I के तहत निर्माण कार्यों पर नियम कड़े किए गए हैं, होटलों और रेस्तरां के तंदूर में कोयले-लकड़ी के इस्तेमाल और खुले में कचरा जलाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।