Delhi: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर अब सुरक्षा का स्तर और बढ़ाया जा रहा है। केंद्र सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन ने यहाँ परमाणु और रेडियोधर्मी खतरों की पहचान करने के लिए अत्याधुनिक रेडियोलॉजिकल ड
Delhi: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर अब सुरक्षा का स्तर और बढ़ाया जा रहा है। केंद्र सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन ने यहाँ परमाणु और रेडियोधर्मी खतरों की पहचान करने के लिए अत्याधुनिक रेडियोलॉजिकल डिटेक्शन इक्विपमेंट (RDE) सिस्टम लगाने की तैयारी कर ली है। इस कदम का मकसद हवाई अड्डे के जरिए होने वाली किसी भी तरह की संदिग्ध सामग्री की आवाजाही को रोकना है।
RDE सिस्टम क्या है और यह कैसे काम करेगा?
RDE सिस्टम ऐसी संवेदनशील मशीनें हैं जो यूरेनियम जैसे रेडियोधर्मी तत्वों की तुरंत पहचान कर लेती हैं। ये उपकरण बैग या बंद कंटेनर के अंदर छिपे उस अदृश्य विकिरण (radiation) का पता लगा लेंगे जिसे साधारण मशीनों से नहीं देखा जा सकता। यह सिस्टम सुरक्षा एजेंसियों को रेडियोधर्मी पदार्थ के सटीक स्थान की जानकारी देगा ताकि ‘डर्टी बम’ जैसे खतरों को समय रहते रोका जा सके।
कहाँ लगेंगे ये उपकरण और यात्रियों पर क्या होगा असर?
इन मशीनों को हवाई अड्डे के कार्गो टर्मिनल, वाहनों के प्रवेश द्वारों और यात्री सामान की स्क्रीनिंग वाले संवेदनशील इलाकों में लगाया जाएगा। इसमें पोर्टल मॉनिटर, हैंडहेल्ड डिटेक्टर और मोबाइल डिटेक्शन यूनिट जैसे अलग-अलग उपकरण शामिल होंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि इस नई सुरक्षा प्रणाली की वजह से यात्रियों की चेकिंग में लगने वाले समय में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
कौन सी संस्थाएं इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं?
यह पूरा प्रोजेक्ट ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के दिशा-निर्देशों के तहत लागू किया जा रहा है। इसमें केंद्र सरकार के साथ दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) काम कर रहे हैं। साथ ही, अगर कोई रेडियोधर्मी सामग्री जब्त होती है, तो उसे सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या RDE सिस्टम लगने से एयरपोर्ट पर यात्रियों को ज्यादा समय लगेगा?
नहीं, इस उन्नत सुरक्षा प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों की सुरक्षा जांच में लगने वाले समय पर कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ेगा।
RDE सिस्टम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य यूरेनियम जैसे रेडियोधर्मी तत्वों की पहचान करना और परमाणु तस्करी या डर्टी बम जैसे खतरों को रोकना है।