Delhi Airport बनेगा दुनिया का बड़ा ट्रांजिट हब, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी
Delhi: दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (IGIA) अब दुनिया भर की उड़ानों के लिए एक बड़े ट्रांजिट हब के रूप में उभर रहा है। सरकार और एयरपोर्ट मैनेजमेंट इसे एक ऐसा गेटवे बना रहे हैं जहां यात्री एक देश से दूसरे
Delhi: दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (IGIA) अब दुनिया भर की उड़ानों के लिए एक बड़े ट्रांजिट हब के रूप में उभर रहा है। सरकार और एयरपोर्ट मैनेजमेंट इसे एक ऐसा गेटवे बना रहे हैं जहां यात्री एक देश से दूसरे देश जाने के लिए आसानी से रुक सकें और अपनी अगली फ्लाइट ले सकें। हाल के आंकड़ों से पता चला है कि यहां अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही काफी बढ़ गई है।
मई 2026 में दिल्ली एयरपोर्ट ने करीब 1.9 मिलियन ट्रांजिट यात्रियों को संभाला, जो कुल यात्रियों का 27% था। वहीं सितंबर 2024 से अगस्त 2025 के बीच 6.7 लाख अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्री यहां से गुजरे, जो पिछले साल के मुकाबले 34% ज्यादा हैं। औसतन हर दिन लगभग 56,000 यात्री दिल्ली एयरपोर्ट का इस्तेमाल ट्रांजिट के लिए कर रहे हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। जुलाई 2026 तक टर्मिनल 1, 2 और 3 के बीच होने वाले ट्रांसफर एयरसाइड से होने की उम्मीद है, जिसके लिए BCAS की मंजूरी का इंतजार है। एयरसाइड ट्रांसफर के लिए विशेष बसें चलेंगी जो 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी और एक तरफ की यात्रा में करीब 20 मिनट का समय लगेगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का ट्रांसफर केवल टर्मिनल 3 में होगा, जहां यात्रियों को नारंगी रंग के साइन बोर्ड का पालन करना होगा।
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
|---|---|
| मई 2026 ट्रांजिट यात्री | 1.9 मिलियन (27% कुल ट्रैफिक) |
| अप्रैल 2026 ट्रांजिट यात्री | 1.54 मिलियन (23% कुल ट्रैफिक) |
| FY25 कुल अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट | 1.34 मिलियन |
| प्रतिदिन औसत यात्री | 56,000 |
| ट्रांसफर समय (बस द्वारा) | लगभग 20 मिनट |
| प्रमुख एयरलाइन पार्टनर्स | IndiGo, Air India, Air India Express |
DIAL के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने बताया कि सरकार की सोच के मुताबिक दिल्ली एयरपोर्ट को महाद्वीपों को जोड़ने वाला केंद्र बनाया जा रहा है। वहीं नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि दिल्ली एशिया के सबसे बड़े विमानन हब के रूप में काम करेगा, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच बदलाव करना आसान हो जाएगा। एयरपोर्ट का लक्ष्य अगले 2-3 साल में इस हब मॉडल को पूरी तरह लागू करना है।