Delhi की हवा हुई खराब, ईरान और पाकिस्तान से आया धूल भरा तूफान; AQI 294 तक पहुंचा
Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की क्वालिटी अचानक गिर गई है। इसका मुख्य कारण ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा से उठा एक बड़ा धूल भरा तूफान है, जो उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर बढ़ा है। इस वजह
Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की क्वालिटी अचानक गिर गई है। इसका मुख्य कारण ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा से उठा एक बड़ा धूल भरा तूफान है, जो उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर बढ़ा है। इस वजह से दिल्ली की हवा अब ‘खराब’ श्रेणी में आ गई है और लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है।
हवा की गुणवत्ता में यह गिरावट काफी तेज रही है। 11 जुलाई को AQI 140 था, जो रविवार 12 जुलाई को बढ़कर 261 हो गया। सोमवार सुबह 13 जुलाई को यह और ज्यादा गिरकर 294 तक पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी के करीब है। बता दें कि 9 जुलाई को यहां AQI केवल 48 था, जो इस साल का सबसे साफ स्तर था। अब यह स्थिति 17 अप्रैल के बाद सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बताया कि अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान में तूफान की वजह से उड़ने वाली खनिज धूल लंबी दूरी तय कर दिल्ली पहुंची है। इससे हवा में PM10 की मात्रा बढ़ गई है। गंगा-जमुनी मैदान में चल रही तेज हवाओं ने भी इस समस्या को बढ़ाया है। आयोग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक हवा की क्वालिटी खराब रह सकती है, लेकिन धूल का असर कम होने पर इसमें सुधार होगा।
प्रदूषण बढ़ने के बावजूद CAQM ने GRAP के चरण-I को लागू नहीं किया है। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रदूषण स्थानीय फैक्ट्रियों या गाड़ियों की वजह से नहीं, बल्कि सीमा पार से आई धूल के कारण है। हालांकि, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को निर्देश दिया गया है कि वे जमीनी स्तर पर धूल को कंट्रोल करने के उपाय तेज करें।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को दिन के समय तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है, जिससे हवा साफ होने में मदद मिल सकती है। रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सफदरजंग स्टेशन पर महसूस किया गया तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। स्काईमेट वेदर के विशेषज्ञ महेश पालावत के मुताबिक, हवा की क्वालिटी में पूरी तरह सुधार अगली बारिश के बाद ही होने की उम्मीद है।