Delhi: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हवा की क्वालिटी बिगड़ गई है। रविवार 19 अप्रैल 2026 को धूल भरी हवाओं की वजह से नौ इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार चला गया, जिसे ‘बेहद खराब’ श्रेणी माना जात
Delhi: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हवा की क्वालिटी बिगड़ गई है। रविवार 19 अप्रैल 2026 को धूल भरी हवाओं की वजह से नौ इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार चला गया, जिसे ‘बेहद खराब’ श्रेणी माना जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक शहर का औसत AQI 258 दर्ज किया गया, जिससे आम लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
प्रदूषण बढ़ने पर क्या कदम उठाए गए हैं?
हवा की खराब स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 लागू कर दिया है। इसके तहत प्रशासन ने कई कड़े नियम लागू किए हैं ताकि धूल और धुएं को कम किया जा सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण कम करने के लिए 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई है और ओखला में एक ईवी वेस्ट डिस्पोजल प्लांट लगाया जाएगा।
GRAP-1 के तहत क्या पाबंदियां लागू हैं?
- सड़कों पर पानी का छिड़काव और मशीनों से सफाई बढ़ाई जाएगी।
- कंस्ट्रक्शन साइट्स पर एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल जरूरी होगा।
- कूड़ा, सूखे पत्ते या बायोमास जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
- तंदूर में कोयला या लकड़ी जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
- वाहनों के PUC सर्टिफिकेट की सड़कों पर औचक जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य पर क्या असर होगा और क्या सावधानी बरतें?
CPCB के अनुसार खराब हवा से फेफड़ों, अस्थमा और दिल की बीमारी वाले लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चे और बुजुर्ग बिना वजह बाहर न निकलें। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें ताकि PM2.5 और PM10 जैसे बारीक कण फेफड़ों तक न पहुंचें।
| तारीख |
AQI स्थिति |
मुख्य अपडेट |
| 16 अप्रैल 2026 |
226 (खराब) |
GRAP-1 लागू किया गया |
| 17 अप्रैल 2026 |
बढ़ता प्रदूषण |
200 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू |
| 18 अप्रैल 2026 |
152 (मध्यम) |
हवा की स्थिति में सुधार था |
| 19 अप्रैल 2026 |
258 (औसत) |
9 इलाकों में AQI 300 के पार |