Delhi AIIMS की रिसर्च में खुलासा, योग से PMOS की समस्या होगी दूर, वजन घटाने के अलावा भी हैं कई फायदे
Delhi: दिल्ली के AIIMS ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी रिसर्च की है। इसमें पाया गया कि योग केवल वजन घटाने के काम नहीं आता, बल्कि यह PMOS (जिसे पहले PCOS कहा जाता था) जैसी बीमारी को ठीक करने में भी बहुत मददगार है
Delhi: दिल्ली के AIIMS ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी रिसर्च की है। इसमें पाया गया कि योग केवल वजन घटाने के काम नहीं आता, बल्कि यह PMOS (जिसे पहले PCOS कहा जाता था) जैसी बीमारी को ठीक करने में भी बहुत मददगार है। यह स्टडी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से ठीक पहले सामने आई है, जिससे उन महिलाओं को बड़ी राहत मिल सकती है जो हार्मोनल असंतुलन से जूझ रही हैं।
AIIMS दिल्ली की प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा ने बताया कि योग के जरिए हार्मोनल बैलेंस, इंसुलिन सेंसिटिविटी और मानसिक तनाव को बेहतर किया जा सकता है। रिसर्च में देखा गया कि 12 हफ्ते तक नियमित योग करने वाली महिलाओं के पीरियड्स नियमित हुए और उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन और कोलेस्ट्रॉल जैसे लेवल में सुधार आया। इसके लिए महिलाओं ने हफ्ते में पांच दिन, रोजाना 90 मिनट तक आसन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया था।
इस बीमारी का नाम अब PCOS से बदलकर PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) कर दिया गया है। AIIMS की प्रोफेसर डॉ. गरिमा कछवा के मुताबिक, यह नाम इसलिए बदला गया क्योंकि यह समस्या सिर्फ अंडाशय (ovary) तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म और कई अंगों पर पड़ता है। इसलिए अब डॉक्टर और मरीज इसे केवल प्रजनन समस्या न मानकर एक व्यापक बीमारी के रूप में देख रहे हैं।
रिसर्च के मुताबिक, योग के साथ संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधि अपनाने से महिलाओं की प्रजनन क्षमता और मेटाबॉलिक हेल्थ में काफी सुधार होता है। यह तरीका दवाओं के मुकाबले सस्ता और टिकाऊ है, जो शरीर के अंदरूनी हिस्सों जैसे माइटोकॉन्ड्रिया और सेलुलर हेल्थ को भी बेहतर बनाता है। AIIMS भोपाल भी प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और स्वस्थ जीवन के लिए योग को बढ़ावा दे रहा है।