Delhi AIIMS में सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम लागू, मरीजों की फोटो डालने पर होगी कार्रवाई

Delhi: एम्स दिल्ली ने अपने छात्रों, रेजिडेंट्स और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के कड़े नियम जारी किए हैं। ये नए नियम 23 जून, 2026 को अपडेट किए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी त

Delhi: एम्स दिल्ली ने अपने छात्रों, रेजिडेंट्स और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के कड़े नियम जारी किए हैं। ये नए नियम 23 जून, 2026 को अपडेट किए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

नए नियमों के मुताबिक, अब कोई भी व्यक्ति बिना लिखित अनुमति के एम्स दिल्ली के नाम, लोगो या आधिकारिक ब्रांडिंग का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। यह पाबंदी इंस्टाग्राम, फेसबुक, वीडियो, रील और ब्लॉग जैसे सभी प्लेटफॉर्म पर लागू होगी। सबसे जरूरी बात यह है कि मरीजों की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। किसी भी मरीज की जानकारी, फोटो या उनके केस से जुड़ी बातें सोशल मीडिया पर डालना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

इसके अलावा, संस्थान ने कॉपीराइट सामग्री के गलत इस्तेमाल, रैगिंग, बुलिंग और नफरत फैलाने वाली पोस्ट पर भी रोक लगाई है। छात्रों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा के पेपर, उत्तर कुंजी या कोई भी गोपनीय शैक्षणिक जानकारी साझा न करें। अगर कोई ग्रुप आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया अकाउंट चलाना चाहता है, तो उसे अपने विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा और मैनेजमेंट टीम की पूरी जानकारी प्रशासन को देनी होगी।

सोशल मीडिया पर पोस्ट करते समय पेशेवर भाषा का इस्तेमाल करना होगा और राजनीतिक या धार्मिक विवादों से दूर रहना होगा। किसी बाहरी ब्रांड के साथ सहयोग या स्पॉन्सर्ड कंटेंट के लिए विशेष अनुमति लेना जरूरी होगा। अगर कोई आपत्तिजनक पोस्ट डाली जाती है, तो नोटिस मिलने के 12 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर लिखित चेतावनी दी जा सकती है या संबंधित व्यक्ति की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है।

बता दें कि एम्स दिल्ली पहले भी मीडिया और कम्युनिकेशन को लेकर सख्त रहा है। 24 सितंबर, 2022 को जारी आदेश के अनुसार, केवल नामित अधिकारी ही अनुमति के बाद मीडिया से बात कर सकते हैं। साथ ही, संस्थान ने जनसंपर्क के लिए बाहरी एजेंसी की मदद लेने और मरीजों की सुविधा के लिए ‘AIIMS दिशा’ ऐप जैसे कदम भी उठाए हैं।