Delhi में महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने वाले ADCP संदीप लांबा हटाए गए, हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

Delhi: जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा ADCP संदीप लांबा को उनकी ड्यूटी से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो

Delhi: जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा ADCP संदीप लांबा को उनकी ड्यूटी से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। संदीप लांबा को बुधवार, 22 जुलाई 2026 को तुरंत उनके पुराने पोस्टिंग स्टेशन वापस भेज दिया गया है।

यह पूरा मामला सोमवार, 20 जुलाई 2026 का है, जब Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान यह घटना घटी थी। CJP के सदस्य परीक्षा सुधारों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी दखल दिया है और पुलिस की बर्बरता के आरोपों पर अधिकारियों से जवाब मांगा है। कोर्ट ने घटना से जुड़े सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है ताकि सही जांच हो सके। वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत में ADCP लांबा के व्यवहार को गलत बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।

दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन से जुड़ी हिंसा को लेकर मंगलवार को चार FIR दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि ये मामले अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगों और सरकारी कर्मचारियों पर हमले के आरोप में दर्ज किए गए हैं। ADCP आनंद कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच की जा रही है कि क्या यह हिंसा पहले से तय योजना के तहत की गई थी। वहीं, विवादों में घिरे ADCP संदीप लांबा ने दावा किया कि झड़प के दौरान उनकी वर्दी फट गई थी और उनके घुटने में चोट आई है।

इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 6 जून 2026 को हुई थी, जिसमें पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। वांगचुक को 18 जुलाई को जबरन हटाया गया, जिसके बाद उन्हें कोर्ट के आदेश पर मेदांता अस्पताल ले जाया गया। सुरक्षा कारणों से बुधवार सुबह दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन भी बंद रखे गए थे। इस पूरे घटनाक्रम के बीच CJP ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को उनके व्यवहार के कारण पद से हटा दिया है।