Delhi में दवाओं की खरीद में भ्रष्टाचार, पूर्व CPA हेड डॉ विनोद कुमार रंगा गिरफ्तार, 7 अन्य निलंबित

Delhi: दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में बड़ी गड़बड़ी के मामले में पूर्व CPA हेड डॉ विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार और अनि

Delhi: दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में बड़ी गड़बड़ी के मामले में पूर्व CPA हेड डॉ विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें कई बड़े अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं।

ACB ने 2 जून 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत FIR दर्ज की थी। इसके बाद 18 जून 2026 को डॉ विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है ताकि गायब फाइलों को ढूंढा जा सके और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। इस मामले में पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाओं (DGHS) डॉ वत्सला अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर निलंबित किया गया है।

जांच के दौरान पाया गया कि सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के स्टोर में भारी लापरवाही बरती गई। इसी वजह से 27-28 जून को पांच फार्मासिस्ट और दो अन्य अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनकपुरी स्थित वेयरहाउस में कोल्ड स्टोरेज की कमी थी, जिसकी वजह से एंटी-रेबीज वैक्सीन की 1.27 लाख से ज्यादा खुराक डिलीवर नहीं हो पाईं।

इस पूरे घोटाले की जांच के दायरे में 100 से ज्यादा डॉक्टर और अधिकारी हैं, जिनमें से 20 से ज्यादा से पूछताछ हो चुकी है। डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रशासन ने जवाबदेही तय करने के लिए CPA से जुड़े 40 से ज्यादा मेडिकल और प्रशासनिक कर्मचारियों का तबादला भी किया है। इसमें 10 डॉक्टर और 19 पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। ACB अब मनी ट्रेल और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को जुटाने में लगी है ताकि पता चल सके कि इस भ्रष्टाचार का फायदा किन निजी सप्लायर्स और लोगों ने उठाया।