Delhi: आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए शुक्रवार का दिन बहुत भारी रहा। पार्टी के संसदीय दल में बड़ी टूट हुई है और राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम
Delhi: आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए शुक्रवार का दिन बहुत भारी रहा। पार्टी के संसदीय दल में बड़ी टूट हुई है और राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम के बाद अरविंद केजरीवाल की पार्टी में खलबली मच गई है और राज्यसभा में उसकी ताकत काफी कम हो गई है।
कौन-कौन से सांसद BJP में शामिल हुए?
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा के नेतृत्व में सात सांसदों ने भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। इन सांसदों ने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा और विलय से जुड़े दस्तावेज सौंप दिए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिल्ली मुख्यालय में इन सभी नेताओं से मुलाकात की।
| सांसद का नाम |
पूर्व पार्टी |
नई पार्टी |
| राघव चड्ढा |
AAP |
BJP |
| संदीप पाठक |
AAP |
BJP |
| अशोक मित्तल |
AAP |
BJP |
| हरभजन सिंह |
AAP |
BJP |
| स्वाति मालीवाल |
AAP |
BJP |
| राजिंदर गुप्ता |
AAP |
BJP |
| विक्रम साहनी |
AAP |
BJP |
राघव चड्ढा ने क्यों छोड़ी AAP?
राघव चड्ढा ने इस फैसले के पीछे पार्टी के सिद्धांतों और मूल्यों से भटकने का कारण बताया। उन्होंने खुद को गलत पार्टी में सही आदमी कहा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया। बता दें कि 2 अप्रैल 2026 को उन्हें राज्यसभा में AAP के उपनेता पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा था कि उन्हें खामोश किया गया है।
AAP और अन्य नेताओं की क्या प्रतिक्रिया है?
अरविंद केजरीवाल ने इस कदम को ऑपरेशन लोटस बताया और इसे पंजाब के लोगों के साथ धोखा कहा। वहीं संजय सिंह ने भाजपा पर साजिश रचने का आरोप लगाया और इन सांसदों की अयोग्यता की मांग की। पंजाब कांग्रेस के राजा वड़िंग ने इसे स्वाभाविक बताया और आशंका जताई कि आने वाले समय में और विधायक भी पाला बदल सकते हैं। इस टूट के बाद अब राज्यसभा में AAP के पास केवल संजय सिंह, एन डी गुप्ता और बलबीर सिंह सिचेवाल ही बचे हैं।