Delhi में 450 कमर्शियल बिल्डिंग्स रेड-फ्लैग, फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर प्रशासन सख्त

Delhi: राजधानी दिल्ली में सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। दिल्ली फायर डिपार्टमेंट ने शहर की 450 कमर्शियल बिल्डिंग्स को रेड-फ्लैग किया है, क्योंकि ये इमारतें फायर सेफ्टी के जरूरी नियमों का पालन नहीं क

Delhi: राजधानी दिल्ली में सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। दिल्ली फायर डिपार्टमेंट ने शहर की 450 कमर्शियल बिल्डिंग्स को रेड-फ्लैग किया है, क्योंकि ये इमारतें फायर सेफ्टी के जरूरी नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। इनमें से कई बिल्डिंग्स के पास अनिवार्य फायर NOC नहीं था या उन्होंने बिल्डिंग बाय-लॉज का उल्लंघन किया था।

यह पूरी कार्रवाई 3 जून 2026 को मालवीय नगर के एक Bed & Breakfast में लगी भीषण आग के बाद शुरू हुई। उस हादसे में 13 विदेशी नागरिकों समेत कुल 23 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद 14 जून को कालकाजी में भी एक आगजनी की घटना हुई, जिसने कमर्शियल इमारतों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए।

दिल्ली सरकार ने इस मामले में जिला स्तर की कमेटियां बनाई हैं। इन कमेटियों में जिला मजिस्ट्रेट, MCD डिप्टी कमिश्नर, DCP और फायर विभाग के अधिकारी शामिल हैं। ये टीमें शहर भर में उन इमारतों की जांच कर रही हैं जो छह मंजिल या उससे ज्यादा ऊंची हैं, जिनमें अस्पताल और नर्सिंग होम भी शामिल हैं। अब तक 13 जिला और 39 सब-डिवीजन लेवल की कमेटियों ने सर्वे करके इन 450 बिल्डिंग्स को चिन्हित किया है और उन्हें नोटिस भेज दिए हैं।

फायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बताया कि अगर किसी बिल्डिंग का मौजूदा ढांचा उसके द्वारा जमा किए गए प्लान से अलग पाया गया, तो उसका NOC रद्द कर दिया जाएगा। नया सर्टिफिकेट तभी मिलेगा जब सभी नियमों को पूरा किया जाएगा। वहीं, गृह मंत्री आशीष सूद ने 18 जून को साफ किया था कि G+4 की तय सीमा से ज्यादा निर्माण करने वाली इमारतों की समीक्षा होगी और अवैध निर्माण पाए जाने पर उन्हें सील कर दिया जाएगा।

जांच में यह बात सामने आई है कि कई इमारतों में उनकी क्षमता से ज्यादा लोग रह रहे हैं या उनका इस्तेमाल गलत तरीके से हो रहा है। साथ ही, भीड़भाड़ वाले इलाकों में सड़कें इतनी संकरी हैं कि आग लगने की स्थिति में फायर टेंडर का अंदर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। दिल्ली के साथ-साथ अब गुरुग्राम जैसे NCR इलाकों में भी कमर्शियल प्रॉपर्टीज के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य कर दिया गया है।