Delhi: सिविल लाइंस इलाके का 33 शामनाथ मार्ग बंगला लंबे समय से वीरान पड़ा था। इस बंगले को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की बातें होती थीं और इसे मनहूस माना जाता था। अब दिल्ली का लोक निर्माण विभाग (PWD) इस बंगले की मरम्म
Delhi: सिविल लाइंस इलाके का 33 शामनाथ मार्ग बंगला लंबे समय से वीरान पड़ा था। इस बंगले को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की बातें होती थीं और इसे मनहूस माना जाता था। अब दिल्ली का लोक निर्माण विभाग (PWD) इस बंगले की मरम्मत कर इसे फिर से चमकाने की तैयारी में है।
इस बंगले को ‘मनहूस’ क्यों माना जाता है?
यह बंगला 1920 के दशक में ब्रिटिश काल के दौरान बना था। कहा जाता है कि यहां रहने वाले कई मुख्यमंत्रियों और बड़े अधिकारियों का कार्यकाल बीच में ही खत्म हो गया। दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश और मदन लाल खुराना जैसे नेताओं के कार्यकाल अधूरे रहे, जिससे लोगों में यह अंधविश्वास बैठ गया कि यह जगह अशुभ है। इसी डर की वजह से लंबे समय तक कोई यहां रहने को तैयार नहीं हुआ था।
नवीनीकरण में कितना खर्च होगा और क्या काम होगा?
PWD ने इस बंगले के कायाकल्प के लिए करीब 56 लाख रुपये का बजट तय किया है। इस काम को 30 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मरम्मत के दौरान मुख्य रूप से ये काम किए जाएंगे:
- पानी की पाइपलाइन की मरम्मत करना।
- खराब टाइलों को हटाकर नई लगाना।
- कार पार्किंग एरिया को ठीक करना।
- फाल्स सीलिंग और जमीन को समतल करना।
- बंगले के अंदर कुछ विशेष हिस्से बनाना।
पहले क्या थी योजना और अब क्या बदला?
अप्रैल 2026 की शुरुआत में दिल्ली सरकार इस बंगले को पूरी तरह गिराने पर विचार कर रही थी। योजना थी कि यहां कोई नया सरकारी कार्यालय या राज्य आपदा प्रबंधन कार्यालय बनाया जाए। लेकिन बाद में रणनीति बदली गई और अब प्रशासन ने इसे ध्वस्त करने के बजाय पुराने ढांचे को ही सुधारने और नवीनीकरण करने का फैसला लिया है।