Dehradun के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा की जांच तेज, लखनऊ अग्निकांड के बाद माता-पिता और बच्चों में डर
Dehradun: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब देहरादून के माता-पिता और छात्रों के बीच डर का माहौल है। लखनऊ की घटना में 15 छात्रों की मौत हुई थी, जिससे अभिभावक अब अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित
Dehradun: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब देहरादून के माता-पिता और छात्रों के बीच डर का माहौल है। लखनऊ की घटना में 15 छात्रों की मौत हुई थी, जिससे अभिभावक अब अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कई पेरेंट्स फोन पर बच्चों से पूछ रहे हैं कि वे सुरक्षित हैं या नहीं और उनका कोचिंग सेंटर किसी बेसमेंट में तो नहीं चल रहा है।
लखनऊ के अलीगंज इलाके में 22 जून 2026 को यह हादसा हुआ था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। वहां तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की है और मथुरा व अलीगढ़ जैसे शहरों में नियमों का उल्लंघन करने वाले कई कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है।
इस हादसे से सबक लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 24 जून 2026 को पूरे राज्य में अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, होटलों और मॉल्स का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि ऊंची इमारतों, संकरी गलियों और खराब निकासी वाले भवनों की सघन जांच की जाए।
देहरादून में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया है। अब SDM, CO और थाना प्रभारियों की संयुक्त टीमें कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करेंगी। प्रशासन मुख्य रूप से फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और अग्निशमन उपकरणों की जांच कर रहा है। देहरादून में करीब 350 कोचिंग सेंटर प्रशासन की रडार पर हैं।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पुलिस पहले ही कई सेंटरों का ऑडिट कर चुकी है और खामियां मिलने पर नोटिस दिए गए थे। उन्होंने साफ किया कि जो संस्थान बिना फायर सेफ्टी ऑडिट के या गलत तरीके से भवनों में चल रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देहरादून में कई सेंटर संकरी गलियों और बेसमेंट में चल रहे हैं, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।