Delhi में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों की खैर नहीं, DDA ने जारी किया नोटिस, होगी FIR और बुलडोजर कार्रवाई
Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। DDA ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा या निर्माण कान
Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। DDA ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा या निर्माण कानून का उल्लंघन है। अब ऐसे अवैध निर्माणों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटाया जा सकता है और इसकी पूरी लागत कब्जा करने वाले व्यक्ति से ही वसूली जाएगी।
यह पूरी कार्रवाई दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू द्वारा 3 जुलाई 2026 को की गई एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद शुरू हुई है। LG ने साफ निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण के मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए। इसके लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है ताकि रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से तुरंत पता चल सके कि कहां अवैध निर्माण हो रहा है।
DDA ने अपनी कार्रवाई में अब तक काफी सख्ती दिखाई है। अप्रैल 2025 से अब तक करीब 241.51 एकड़ सरकारी जमीन वापस ली गई है और 235.96 एकड़ पर हुए अवैध निर्माणों को ढहाया गया है। हाल ही में 25 जून 2026 को यमुना बाजार इलाके में और 10 अप्रैल 2026 को तिलपथ वैली बायोडायवर्सिटी पार्क में 23 फार्महाउस गिराकर 83 एकड़ जमीन खाली कराई गई है।
अतिक्रमण रोकने के लिए DDA ने कई कड़े कदम उठाए हैं:
- 14 फ्लाइंग स्क्वाड और क्विक रिस्पांस टीमें बनाई गई हैं जो मौके पर जाकर जांच करेंगी।
- ड्रोन सर्वे के जरिए पूरी दिल्ली की मैपिंग की जा रही है, जिसमें अब तक 1,122 वर्ग किलोमीटर इलाका कवर हो चुका है।
- 3,700 से ज्यादा खाली जमीनों को जियो-टैग किया गया है ताकि उनकी फोटो के जरिए निगरानी रखी जा सके।
- नियम तोड़ने वाले आर्किटेक्ट्स को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।
DDA ने आम जनता को सलाह दी है कि वे किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदने या इस्तेमाल करने से पहले उसकी कानूनी स्थिति जरूर जांच लें। अगर किसी को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की जानकारी मिलती है, तो वे DDA ऑफिस या DDA-311 मोबाइल ऐप के जरिए इसकी शिकायत कर सकते हैं।