Delhi: दिल्ली में पानी की किल्लत को कम करने और पर्यावरण को सुधारने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। LG तरणजीत सिंह संधू ने शनिवार, 16 मई 2026 को ‘जल संचय अभियान’ की शुरुआत की। इस म
Delhi: दिल्ली में पानी की किल्लत को कम करने और पर्यावरण को सुधारने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। LG तरणजीत सिंह संधू ने शनिवार, 16 मई 2026 को ‘जल संचय अभियान’ की शुरुआत की। इस मुहिम के तहत शहर के 101 जल निकायों (waterbodies) की हालत सुधारी जाएगी ताकि जमीन के अंदर पानी का स्तर बढ़ सके।
इस अभियान में क्या-क्या काम होंगे?
LG ने साफ किया कि यह सिर्फ सजावट का काम नहीं है, बल्कि दिल्ली की पानी की सुरक्षा के लिए जरूरी है। इस पूरे काम को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में तालाबों और झीलों की गहरी सफाई (desilting) की जाएगी और कचरा हटाया जाएगा ताकि मानसून के समय ज्यादा से ज्यादा बारिश का पानी जमीन में जा सके। दूसरे हिस्से में तटबंधों को मजबूत करना, पेड़ लगाना और गंदे पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम होगा।
कब तक पूरा होगा यह प्रोजेक्ट और कहां से शुरू हुआ?
पहले यह योजना केवल 77 जल निकायों के लिए थी, लेकिन LG की समीक्षा के बाद इसे बढ़ाकर 101 कर दिया गया। इस काम की शुरुआत पश्चिम विहार के डिस्ट्रिक्ट पार्क में स्थित करीब 1.5 हेक्टेयर के एक जल निकाय से हुई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि काम की क्वालिटी अच्छी हो और समय का ध्यान रखा जाए। पहले चरण का काम 30 अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कौन लोग इस मुहिम से जुड़े हैं?
इस पूरे प्रोजेक्ट को DDA लागू कर रहा है, जिसके चेयरमैन LG तरणजीत सिंह संधू हैं। अभियान के लॉन्च के मौके पर क्षेत्रीय MLA करनाल सिंह और DDA के उपाध्यक्ष एन. सरवणा कुमार भी मौजूद थे। यह पूरी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घकालिक जल सुरक्षा के विजन के अनुरूप तैयार की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जल संचय अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली की जल सुरक्षा को मजबूत करना और पारिस्थितिक लचीलापन बढ़ाना है। इसके जरिए जमीन के अंदर पानी के स्तर को बढ़ाने के लिए 101 जल निकायों का पुनरुद्धार किया जाएगा।
पहले चरण का काम कब तक पूरा होगा?
पुनरुद्धार प्रक्रिया के पहले चरण, जिसमें गहरी सफाई और खुदाई शामिल है, को 30 अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।