Delhi: दिल्ली में घर खरीदना अब और आसान होगा। DDA ने मेट्रो कॉरिडोर के पास 14 जमीनों की पहचान की है, जहां मिडिल क्लास लोगों के लिए सस्ते और सुविधाजनक घर बनाए जाएंगे। इस कदम का मकसद दिल्ली से लोगों का NCR के शहरों की तरफ प
Delhi: दिल्ली में घर खरीदना अब और आसान होगा। DDA ने मेट्रो कॉरिडोर के पास 14 जमीनों की पहचान की है, जहां मिडिल क्लास लोगों के लिए सस्ते और सुविधाजनक घर बनाए जाएंगे। इस कदम का मकसद दिल्ली से लोगों का NCR के शहरों की तरफ पलायन रोकना है ताकि लोग शहर के अंदर ही किफायती घरों में रह सकें।
TOD पॉलिसी क्या है और इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा
इस योजना को ‘ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट’ (TOD) कहा जा रहा है। इसके तहत मेट्रो लाइनों और RRTS व रेलवे स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में घर और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। इससे लोगों को ऑफिस जाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और उनका समय बचेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, यह पॉलिसी करीब 207 वर्ग किलोमीटर के इलाके में नियोजित विकास को बढ़ावा देगी।
सस्ते घरों और निर्माण से जुड़े जरूरी नियम क्या हैं
सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए कुछ खास नियम तय किए हैं ताकि आम आदमी को इसका लाभ मिले। किफायती आवास को बढ़ावा देने के लिए कम से कम 65% हिस्सा 100 वर्ग मीटर से छोटे घरों के लिए रिजर्व रखना होगा। साथ ही, बिल्डिंग की ऊंचाई बढ़ाने के लिए FAR को 400 से बढ़ाकर 500 तक करने का विकल्प दिया गया है।
- मिनिमम प्लॉट साइज: अब 2,000 वर्ग मीटर के प्लॉट पर भी डेवलपमेंट हो सकेगा।
- ग्रीन स्पेस: कुल जमीन का 10% हिस्सा हरियाली या खुले मैदान के लिए छोड़ना होगा।
- TOD चार्ज: लोकेशन चाहे कोई भी हो, एक समान 10,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर चार्ज तय किया गया है।
- सिंगल विंडो सिस्टम: मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने के लिए DDA एक सिंगल विंडो सिस्टम ला रहा है।
उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने अधिकारियों को इन जमीनों की जानकारी के लिए एक पोर्टल बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि प्राइवेट डेवलपर्स भी इसमें आसानी से जुड़ सकें। DDA उपाध्यक्ष एन. सरवन कुमार ने कहा कि इस पॉलिसी से लोगों को एक बेहतर और टिकाऊ लाइफस्टाइल मिलेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मेट्रो स्टेशनों के पास घर बनाने की योजना क्या है
DDA ने TOD पॉलिसी के तहत मेट्रो और RRTS स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में 14 प्लॉट चुने हैं, जहां सस्ते और हाई-राइज घर बनाए जाएंगे।
क्या ये घर मिडिल क्लास के लिए किफायती होंगे
हाँ, नियमों के मुताबिक कुल निर्माण का 65% हिस्सा 100 वर्ग मीटर से छोटे घरों के लिए रखा जाएगा ताकि आम लोग इन्हें खरीद सकें।