Delhi में सरकारी जमीन कब्जाने वालों की खैर नहीं, DDA 72 घंटे के भीतर चलाएगा बुलडोजर
Delhi: दिल्ली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ DDA अब बहुत सख्त हो गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अतिक्रमण हटाने के लिए एक नया SOP लागू किया है, जिसके तहत अब अवैध निर्माण की जानकारी मिलने के म
Delhi: दिल्ली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ DDA अब बहुत सख्त हो गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अतिक्रमण हटाने के लिए एक नया SOP लागू किया है, जिसके तहत अब अवैध निर्माण की जानकारी मिलने के मात्र 72 घंटे के भीतर उसे ढहा दिया जाएगा। यह कदम शहर में सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखने और अवैध कब्जों को रोकने के लिए उठाया गया है।
यह पूरी कार्रवाई दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर टी.एस. संधु के निर्देशों के बाद शुरू हुई है। उन्होंने अतिक्रमण के मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने को कहा था। इसके लिए DDA ने 12 जुलाई 2026 को नया सिस्टम जारी किया। अब केवल सरकारी जमीन ही नहीं, बल्कि डेवलपमेंट एरिया के अंदर प्राइवेट जमीन पर हो रहे अवैध निर्माणों पर भी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुलडोजर चलाया जाएगा।
निगरानी के लिए DDA ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। अब ड्रोन सर्वे के जरिए जमीनों की जांच होगी और फ्लाइंग स्क्वॉड की टीमें लगातार फील्ड में घूमेंगी। इन टीमों का काम अवैध निर्माण का पता लगाना और उसकी जियो-टैग्ड फोटो खींचकर रिपोर्ट भेजना होगा। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, तुरंत क्विक रिस्पांस टीम (QRT) मौके पर पहुंचकर निर्माण को हटा देगी।
इस नए सिस्टम की खास बातें इस प्रकार हैं:
- 14 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें अलग-अलग जोन में फील्ड निरीक्षण करेंगी।
- 4 क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) तुरंत तोड़फोड़ और अतिक्रमण हटाने का काम करेंगी।
- काम पूरा होने के बाद उसी दिन जियो-टैग्ड फोटो के साथ रिपोर्ट जमा करनी होगी।
- खाली कराई गई जमीन पर DDA के मालिकाना हक का बोर्ड लगाया जाएगा।
- वेकेंट लैंड मॉनिटरिंग सिस्टम (VLMS) के जरिए जमीन की लगातार निगरानी होगी ताकि दोबारा कब्जा न हो।
इससे पहले 9 जुलाई 2026 को DDA ने एक पब्लिक नोटिस जारी कर चेतावनी दी थी कि दिल्ली विकास अधिनियम 1957 के तहत सरकारी जमीन पर कब्जा करना अपराध है। अब बिना किसी नए नोटिस के कार्रवाई होगी और तोड़फोड़ में आने वाला खर्च भी कब्जा करने वाले व्यक्ति से वसूला जाएगा।