Delhi में DDA की जमीन पर अवैध निर्माण के खिलाफ चलेगा बुलडोजर, 72 घंटे में होगा ध्वस्तीकरण
Delhi: राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए एक सख्त योजना तैयार की है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के बाद अब अव
Delhi: राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए एक सख्त योजना तैयार की है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के बाद अब अवैध ढांचों को पहचान होने के महज 72 घंटे के भीतर गिरा दिया जाएगा।
DDA ने इस कार्रवाई के लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है। इसके तहत ‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है, जिसका मतलब है कि किसी भी तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 9 जुलाई 2026 को जारी एक सार्वजनिक नोटिस में साफ कर दिया गया था कि यह एक स्थायी चेतावनी है और अब ध्वस्तीकरण से पहले अलग से कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा।
कार्रवाई को तेज करने के लिए प्रशासन ने 14 फ्लाइंग स्क्वाड और 4 क्विक रिस्पांस टीमें (QRTs) बनाई हैं। जमीन की निगरानी के लिए अब ड्रोन, जियो-टैगिंग और वेकेंट लैंड मॉनिटरिंग सिस्टम (VLMS) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा ताकि किसी भी नए कब्जे का तुरंत पता चल सके।
| मुख्य प्रावधान | विवरण |
|---|---|
| समय सीमा | अवैध निर्माण मिलने के 72 घंटे के भीतर ध्वस्तीकरण |
| निगरानी तकनीक | ड्रोन, जियो-टैगिंग और VLMS सिस्टम |
| विशेष टीमें | 14 फ्लाइंग स्क्वाड और 4 QRTs का गठन |
| खर्च की वसूली | ध्वस्तीकरण का खर्च कब्जा करने वाले से वसूला जाएगा |
| कानूनी कार्रवाई | जरूरत पड़ने पर FIR दर्ज की जाएगी |
| अतिरिक्त कदम | दोषी आर्किटेक्टों को पैनल से हटाया जाएगा |
उपराज्यपाल ने निर्देश दिया है कि सार्वजनिक भूमि और सरकारी भवनों की रियल-टाइम निगरानी की जाए। उन्होंने बड़े पैमाने पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही, जो ढांचे खतरनाक पाए जाएंगे, उनकी सूचना MCD को दी जाएगी ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।