Delhi में जलभराव रोकने के लिए DDA का बड़ा अभियान, 57,000 मीट्रिक टन गाद निकाली गई
Delhi: राजधानी में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए Delhi Development Authority (DDA) ने बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया। LG तरणजीत सिंह संधू की सीधी निगरानी में इस काम को ‘मिशन मोड’
Delhi: राजधानी में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए Delhi Development Authority (DDA) ने बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया। LG तरणजीत सिंह संधू की सीधी निगरानी में इस काम को ‘मिशन मोड’ में पूरा किया गया। इस बार नालों से गाद निकालने के काम में पिछले साल के मुकाबले 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
DDA ने इस पूरे अभियान के तहत अब तक 57,000 मीट्रिक टन से ज्यादा गाद (silt) निकाली है। पिछले साल इसी अभियान में करीब 33,380 मीट्रिक टन गाद निकाली गई थी। LG ने सख्त निर्देश दिए थे कि सफाई के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और DDA को अन्य एजेंसियों के लिए एक मिसाल बनना होगा।
काम को बेहतर तरीके से करने के लिए दिल्ली को छह अलग-अलग जोन में बांटा गया था, जिनमें ईस्ट, साउथ, नॉर्थ, नरेला, रोहिणी और द्वारका शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक ईस्ट, साउथ और नॉर्थ जोन में काम पूरा हो चुका है, जबकि नरेला, रोहिणी और द्वारका जोन में काम आखिरी चरण में है। मानसून की तैयारियों के लिए एक सेंट्रल कंट्रोल रूम, जोनल कंट्रोल रूम और 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन के साथ मोबाइल पंप भी तैनात किए गए हैं।
शहर की अन्य एजेंसियों की बात करें तो NDMC ने अपने इलाके के बेल-माउथ और गली ट्रैप की 100 प्रतिशत सफाई पूरी कर ली है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC) ने 77 नालों में से 93 प्रतिशत काम पूरा किया है, जबकि MCD ने भी अपने हिस्से के नालों की सफाई का दावा किया है।
इतने बड़े स्तर पर सफाई के दावों के बावजूद 9 जुलाई 2026 को हुई बारिश के बाद दिल्ली-NCR के कई इलाकों में भारी जलभराव देखा गया। सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही और लोगों ने नागरिक एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। MB रोड पर फंसे एक राहगीर अमन ने कहा कि अगर एजेंसियों ने सही ढंग से काम किया होता तो सड़कें इस तरह नहीं डूबतीं।