Delhi के यमुना बाजार में DDA का बुलडोजर, 310 परिवार हुए बेघर, O-Zone में निर्माण पर था बैन
Delhi: राजधानी दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में गुरुवार, 25 जून 2026 को DDA ने बड़ा डिमोलिशन अभियान चलाया। इस कार्रवाई में करीब 310 परिवारों के घर गिरा दिए गए, जिससे सैकड़ों लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। प्रशासन का कहन
Delhi: राजधानी दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में गुरुवार, 25 जून 2026 को DDA ने बड़ा डिमोलिशन अभियान चलाया। इस कार्रवाई में करीब 310 परिवारों के घर गिरा दिए गए, जिससे सैकड़ों लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह पूरा इलाका ‘O-Zone’ यानी इको-सेंसिटिव फ्लडप्लेन में आता है, जहाँ किसी भी तरह का निर्माण करना मना है।
इस कार्रवाई से पहले दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने 7 मई 2026 को नोटिस जारी कर 15 दिन में जगह खाली करने को कहा था। इसके बाद DDA ने 23 जून 2026 को घाट नंबर 2 से 32 तक के निवासियों को फिर से नोटिस दिया कि वे खुद जगह खाली कर लें, वरना उनके घर तोड़ दिए जाएंगे। गुरुवार को MCD के बुलडोजरों ने इन ढांचों को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई शुरू होने से पहले बुधवार शाम को बिजली और गुरुवार सुबह पानी की सप्लाई काट दी गई थी।
यह पूरा मामला दिल्ली हाई कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के बाद हुआ है। कोर्ट ने साफ कहा था कि O-Zone में बस्तियों को नियमित नहीं किया जा सकता क्योंकि ये इलाके नदी के बहाव और पर्यावरण के लिए जरूरी हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले कहा था कि सिर्फ नए निर्माण तोड़े जाएंगे, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बाद पुराने निर्माणों पर भी कार्रवाई हुई।
बेघर हुए लोगों की हालत काफी खराब है। कई परिवार पीढ़ियों से यहाँ रह रहे थे और अब उनके पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है। DDA ने उन्हें DUSIB के नाइट शेल्टर में जाने का विकल्प दिया है, लेकिन कई लोग सुरक्षा और सुविधा की कमी के कारण वहां जाने को तैयार नहीं हैं। यहाँ रहने वाले नाविक और पुजारी जैसे लोग अपनी रोजी-रोटी छिन जाने से काफी परेशान हैं।
DDA अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस की तैनाती के कारण यह अभियान गुरुवार रात 10 बजे तक चलाया गया, क्योंकि शुक्रवार को मुहर्रम की ड्यूटी की वजह से पुलिस बल उपलब्ध नहीं था। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त फोर्स तैनात की गई थी।