Delhi के यमुना बाजार में चला बुलडोजर, 310 अवैध घर जमींदोज; DDA की बड़ी कार्रवाई

Delhi: राजधानी के निगम बोध घाट के पास यमुना बाजार इलाके में गुरुवार सुबह प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने करीब 310 अवैध मकानों को ढहा दिया। मौके पर भारी

Delhi: राजधानी के निगम बोध घाट के पास यमुना बाजार इलाके में गुरुवार सुबह प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने करीब 310 अवैध मकानों को ढहा दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की झड़प न हो और काम बिना रुकावट पूरा हो सके।

यह पूरी कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के बाद की गई है, जिसमें यमुना के डूब क्षेत्र (Floodplain) से सभी अवैध निर्माण हटाने को कहा गया था। सरकारी नियमों के मुताबिक यह इलाका ‘O-Zone’ में आता है, जहां किसी भी तरह का निर्माण या रिहायशी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। DDA ने बुधवार, 24 जून 2026 को घाट नंबर 2 से 32 तक के निवासियों को खाली करने के लिए ताजा नोटिस जारी किए थे, जबकि इससे पहले मई में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने भी 15 दिन का समय दिया था।

प्रशासन का कहना है कि ये मकान DDA की जमीन पर अवैध रूप से बने थे और हर साल आने वाली बाढ़ के दौरान यहां रहने वाले लोगों की जान को खतरा रहता था। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत यह कार्रवाई जन सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है। दिल्ली मेयर प्रवेष वाही ने इसे जनहित में उठाया गया कदम बताया है ताकि भविष्य में जान-माल का नुकसान न हो।

दूसरी ओर, इस कार्रवाई से कई परिवार बेघर हो गए हैं। सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट (CHD) के सुनील अलेडिया ने चिंता जताई है कि कई लोग अब सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भी इस अभियान पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि प्रभावित परिवार दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) द्वारा चलाए जा रहे रैन बसेरों में अस्थायी शरण ले सकते हैं।

यमुना के संरक्षण के लिए दिल्ली सरकार ने एक और बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजनू का टीला से पुराने रेलवे ब्रिज तक 4.72 किलोमीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने की मंजूरी दी है, जिसे अगले मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।