Delhi के IGI एयरपोर्ट के पास जलभराव से मिलेगी राहत, DDA जुलाई अंत तक पूरा करेगा ड्रेन प्रोजेक्ट

Delhi: इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट और द्वारका के आसपास रहने वाले लोगों को अब मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से राहत मिलेगी। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) एयरपोर्ट ड्रेन प्रोजेक्ट के आखिरी चरण में है और इसे 30

Delhi: इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट और द्वारका के आसपास रहने वाले लोगों को अब मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से राहत मिलेगी। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) एयरपोर्ट ड्रेन प्रोजेक्ट के आखिरी चरण में है और इसे 30 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद बारिश के पानी को एयरपोर्ट एरिया से निकालकर शहर के बड़े नालों तक आसानी से पहुंचाना है।

यह प्रोजेक्ट साल 2020 में शुरू किया गया था और इसका निर्माण कार्य नवंबर 2022 में शुरू हुआ था। हालांकि, दिल्ली सरकार के पर्यावरण और वन विभाग से मंजूरी मिलने में देरी और सड़क चौराहों पर नाला डालने जैसी चुनौतियों की वजह से काम समय पर पूरा नहीं हो पाया। पहले इसकी डेडलाइन दिसंबर 2023 तय की गई थी, लेकिन अब इसे जुलाई 2026 तक पूरा किया जाएगा।

प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति की बात करें तो द्वारका सेक्टर 8 में काम अंतिम दौर में है। ड्रेन के B-C स्ट्रेच का करीब 98 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मेट्रो क्रॉसिंग के पास बचे हुए काम के लिए DMRC से जरूरी अनुमति मिल गई है। वहीं, B-D स्ट्रेच का काम 2025 के मानसून से पहले ही पूरा कर लिया गया था और वह अभी पूरी तरह चालू है।

नया नाला पुराने नाले के मुकाबले काफी बड़ा बनाया गया है। जहां पुराना नाला 2 गुणा 1 मीटर का था, वहीं नया नाला लगभग 20 मीटर चौड़ा और 2 मीटर गहरा है। इससे एयरपोर्ट के रनवे, टर्मिनल और टर्मिनल 3 के आसपास के इलाकों में पानी जमा नहीं होगा।

जलभराव को रोकने और प्रदूषण कम करने के लिए DDA ने द्वारका में तीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) भी शुरू किए हैं। इसमें सेक्टर 3 में 9.5 MLD, सेक्टर 8 में 5 MLD और एक अन्य लोकेशन पर 7 MLD क्षमता का STP लगाया गया है।